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कुश्ती विवाद: 'मुझे आतंकवादी और खालिस्तानी कहा जा रहा है' – विनेश फोगाट का WFI पर बड़ा हमला

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 11 May 2026 👁️ 9 Views ⏳ 1 Min Read
कुश्ती विवाद: 'मुझे आतंकवादी और खालिस्तानी कहा जा रहा है' – विनेश फोगाट का WFI पर बड़ा हमला

दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के मौजूदा प्रशासन पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। विनेश ने भावुक होते हुए कहा कि महासंघ उन्हें खेल छोड़ने और संन्यास लेने के लिए मजबूर कर रहा है, लेकिन वह हार नहीं मानेंगी।

विनेश फोगाट के प्रमुख आरोप: अपमानजनक भाषा का मुद्दा

विनेश ने पत्रकारों से बात करते हुए WFI के अधिकारियों, विशेषकर अध्यक्ष संजय सिंह और पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह की टीम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:

  • असुरक्षित महसूस करना: विनेश ने आरोप लगाया कि उन्हें 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' कहा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी के लिए यह भाषा सही है?

  • चरित्र हनन की कोशिश: विनेश ने कहा, "शायद वे मुझे आतंकवादी या खालिस्तानी भी कह सकते हैं। लेकिन मैं इस देश की सम्मानित नागरिक हूँ और मुझे अपने अधिकारों के लिए लड़ने का संवैधानिक हक है।"

  • आवाज उठाने की सजा: विनेश का मानना है कि WFI के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने और वहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को दुनिया के सामने लाने की वजह से उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

अयोग्यता और कानूनी दांवपेच

WFI ने विनेश फोगाट को अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं से अयोग्य घोषित कर दिया है।

  • 6 महीने का नोटिस नियम: महासंघ का तर्क है कि संन्यास से लौटने वाले खिलाड़ियों को 6 महीने पहले सूचना देनी होती है।

  • विनेश का तर्क: विनेश ने 'कारण बताओ नोटिस' का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने जून में ही यूनाइटेड वर्ल्ड रेस्लिंग (UWW) को अपने लौटने की सूचना दे दी थी, इसलिए वाडा (WADA) का नियम 5.6.1 उन पर लागू नहीं होता।

हालांकि, महासंघ के सूत्रों का कहना है कि वे विनेश के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और उनका मानना है कि पहलवान ने अनुशासन से जुड़े अन्य आरोपों का पूरा जवाब नहीं दिया है।

आगे की राह: क्या अदालत जाएंगी विनेश?

जब विनेश से पूछा गया कि क्या वह इस प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी, तो उन्होंने कहा, "हम अपनी शक्ति के अनुसार जो भी संभव होगा, वह करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वह कड़ी मेहनत कर रही हैं और सच्चाई के रास्ते पर चल रही हैं, जिसका फल उन्हें भगवान जरूर देंगे।


निष्कर्ष

विनेश फोगाट और WFI के बीच का यह संघर्ष अब केवल मैट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ी कानूनी और मानवाधिकार की लड़ाई बनता जा रहा है। एक तरफ जहाँ महासंघ अनुशासन का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश की एक शीर्ष एथलीट अपनी सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट समाचार एजेंसियों और पहलवान विनेश फोगाट द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। लेख का उद्देश्य तथ्यों को प्रस्तुत करना है और यह किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।


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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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