करौली: भूकरावली हत्याकांड में उबाल, ग्रामीणों ने IG को सौंपा ज्ञापन; हत्यारों की गिरफ्तारी और ₹50 लाख मुआवजे की मांग
करौली | 04 मई, 2026
राजस्थान के करौली जिले के सूरोठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव भूकरावली (मुकरावली) में हुई रामवीर सिंह जाटव की निर्मम हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, 4 मार्च 2026 को रामवीर सिंह जाटव को कुछ लोग घर से बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद सुनसान स्थान पर 10 से अधिक हमलावरों ने उसकी कथित रूप से निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही हिंडौन सिटी और सूरोठ क्षेत्र के दलित समाज में गहरा रोष और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। मामले में सूरोठ थाने में FIR संख्या 0073/2026 दर्ज है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने का आरोप लगाया जा रहा है।
IG के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने लवकुश (पुत्र अमृतलाल) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में पुलिस प्रशासन के सामने निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
-
गिरफ्तारी और इनाम: सभी नामजद हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित हो।
-
पुराने मामलों पर कार्रवाई: पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवराज मीणा और उनके परिजनों के खिलाफ दिसंबर 2025 में दर्ज शिकायतों पर निष्पक्ष जाँच हो। ग्रामीणों ने उन्हें 'भू-माफिया' और 'गैंगस्टर' बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
-
आर्थिक सहायता और सुरक्षा: पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति और सूरोठ कस्बे में सुरक्षित आवास दिया जाए।
-
आत्मरक्षा का अधिकार: परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें लाइसेंसी हथियार उपलब्ध कराए जाएं।
IG ने दिया आश्वासन, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान संतराम (ग्राम अध्यक्ष), पूरण ठेकेदार, टीकम, वीरसिंह, सुमरन और रनजीत सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस ने जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
भरतपुर आईजी ने ग्रामीणों की व्यथा सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं और ग्रामीणों को जल्द न्याय का आश्वासन दिया है।
निष्कर्ष
भूकरावली की यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा करती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन आईजी के निर्देशों के बाद कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और दर्ज FIR (0073/2026) की जानकारी पर आधारित है। मामले की जाँच वर्तमान में पुलिस द्वारा की जा रही है। किसी भी व्यक्ति पर लगे आरोपों की सत्यता का निर्धारण कानून और अदालत की प्रक्रिया के अधीन है।
Comments (0)
Leave a Reply