राजस्थान

छात्रवृत्ति अलर्ट: 31 मई तक करें आवेदन; मंत्री अविनाश गहलोत की अपील - इसके बाद नहीं बढ़ेगी अंतिम तिथि

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 12 May 2026 👁️ 14 Views ⏳ 1 Min Read
छात्रवृत्ति अलर्ट: 31 मई तक करें आवेदन; मंत्री अविनाश गहलोत की अपील - इसके बाद नहीं बढ़ेगी अंतिम तिथि

जयपुर | 12 मई, 2026

राज्य सरकार ने छात्रहित में बड़ा निर्णय लेते हुए छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया है। यह सत्र 2025-26 के लिए आवेदन का अंतिम मौका होगा।

इन विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ

मंत्री श्री गहलोत ने पोर्टल पर किए गए नए सुधारों की जानकारी भी साझा की:

  • बाहरी राज्यों के छात्र: राजस्थान के मूल निवासी जो राज्य से बाहर स्थित शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं, उनके संस्थानों को विभागीय स्तर से पोर्टल पर अनुमत (Approved) कर दिया गया है।

  • ITI विद्यार्थी: आईटीआई (ITI) संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के डेटा के आधार पर संस्थानों को छात्रवृत्ति पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है। अब ये विद्यार्थी भी सुगमता से आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए प्रमुख निर्देश

  • अंतिम तिथि: 31 मई 2026 (कोई विस्तार नहीं होगा)।

  • पात्रता: राजस्थान के मूल निवासी छात्र जो उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति की शर्तों को पूरा करते हैं।

  • दिशानिर्देश: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम नियमों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आधिकारिक वेबसाइट एवं सहायता

विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए छात्र निम्नलिखित पोर्टल पर जा सकते हैं:

  1. SJMS पोर्टल: www.sjmsnew.rajasthan.gov.in/scholarship

  2. विभागीय वेबसाइट: sje.rajasthan.gov.in

निष्कर्ष

विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए 31 मई से काफी पहले अपना आवेदन पूर्ण कर लें। पोर्टल पर संस्थानों के जुड़ने से अब हजारों नए विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह सूचना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

🏷️ Tags: #
Author

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Comments (0)

Leave a Reply