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राजस्थान खेल नीति एवं अवसंरचना: 'खेलों के साथ भी, खेलों के बाद भी' के संकल्प से स्पोर्ट्स हब बनेगा प्रदेश

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 18 May 2026 👁️ 15 Views ⏳ 1 Min Read
राजस्थान खेल नीति एवं अवसंरचना: 'खेलों के साथ भी, खेलों के बाद भी' के संकल्प से स्पोर्ट्स हब बनेगा प्रदेश

जयपुर | 18 मई 2026

राजस्थान सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक पटल पर स्थापित करने और उनके भविष्य को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा देने के लिए चौतरफा रणनीतिक नीतिगत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार "खेलों के साथ भी, खेलों के बाद भी" के ध्येय वाक्य (मोटो) पर काम करते हुए खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए वित्तीय सहायता से लेकर सरकारी नौकरियों के द्वार खोलने तक के ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

राज्य को देश का अग्रणी 'स्पोर्ट्स हब' बनाने के लिए 'राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (R-TOPS)', 'आउट ऑफ टर्न' नियुक्तियां और 'स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं।


2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी: जयपुर में बनेगा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक विजेता बनाने के लिए केंद्र सरकार की 'टॉप्स (TOPS)' योजना की तर्ज पर राज्य स्तर पर 'राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' की शुरुआत की गई है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय ढांचा:

  • मिशन 2028 ओलंपिक: इस विशेष योजना का प्राथमिक उद्देश्य वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों के लिए राजस्थान के 50 सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना है।

  • विश्व स्तरीय सुविधाएं: चयनित खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के कोच, अत्याधुनिक प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय किट और खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

  • मासिक वित्तीय भत्ता: खिलाड़ियों के दैनिक खर्चों के लिए ₹25,000 मासिक (आउट ऑफ पॉकेट अलाउंस) प्रदान किया जा रहा है।

  • अवसंरचना का विकास: चयनित एथलीटों को विश्व स्तरीय इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग सुविधाएं देने के लिए राजधानी जयपुर में अत्याधुनिक 'राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किया जाएगा।

  • समावेशी प्रतिनिधित्व: यह योजना विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को कवर करती है जो केंद्रीय 'टॉप्स' योजना के तहत नामांकित नहीं हैं। सामाजिक न्याय को मजबूत करते हुए इसमें 20% सीटें पैरा-खिलाड़ियों (दिव्यांग एथलीटों) के लिए आरक्षित रखी गई हैं।

  • प्रशासनिक निगरानी: योजना के पारदर्शी संचालन, एथलीटों के चयन और उनके प्रदर्शन की वास्तविक समय (Real-Time) पर निगरानी के लिए 'राजस्थान मिशन ओलंपिक समिति' तथा 'राज्य प्रतिभा खोज एवं विकास समिति' का गठन किया गया है।


'आउट ऑफ टर्न' नीति: खेल कोटे से दिग्गज खिलाड़ियों को पुलिस व शिक्षा विभाग में नियुक्तियां

खिलाड़ियों के भविष्य और सामाजिक प्रतिष्ठा को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी 'आउट ऑफ टर्न' (Out of Turn Appointment) नीति को कड़ाई और पारदर्शिता से लागू किया है। इसके तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे सरकारी सेवाओं में राजपत्रित और गैर-राजपत्रित पदों पर नियुक्तियां दी जा रही हैं।

अब तक राज्य के 186 पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरियों से नवाजा जा चुका है। खेल कोटे के तहत हाल ही में नियुक्त किए गए कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का विवरण इस प्रकार है:

खिलाड़ी का नाम संबद्ध खेल विधा नियुक्त पद का विवरण (सरकारी विभाग)
रवि बिश्नोई क्रिकेट (Cricket) उप अधीक्षक - डिप्टी एसपी (राजस्थान पुलिस सेवा)
दिव्यकृति सिंह घुड़सवारी (Equestrian) उप अधीक्षक - डिप्टी एसपी (राजस्थान पुलिस सेवा)
मानिनी कौशिक शूटिंग (Shooting) उप अधीक्षक - डिप्टी एसपी (राजस्थान पुलिस सेवा)
सचिन कबड्डी (Kabaddi) उप अधीक्षक - डिप्टी एसपी (राजस्थान पुलिस सेवा)
मोना अग्रवाल पैराशूटिंग (Para-Shooting) प्राध्यापक - शारीरिक शिक्षा (शिक्षा विभाग)

खिलाड़ियों को ₹40 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष अनुदान

एथलीटों की वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले कुल 1,786 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खातों में प्रत्यक्ष अनुदान के रूप में ₹40,12,00,000 (40 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक) की राशि स्वीकृत कर हस्तांतरित की है। इस आर्थिक संबल से खिलाड़ी बिना किसी वित्तीय चिंता के अपने खेल अभ्यास और आगामी बड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की डाइट व कोचिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।


स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस: खिलाड़ियों को मिला ₹25 लाख का सुरक्षा कवच

मैदान पर लगने वाली चोटों और चिकित्सा जोखिमों को कवर करने के लिए सरकार ने देश में अपनी तरह की अनूठी 'स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' लागू की है।

  • बीमा कवर: इस योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को ₹25,00000 (25 लाख रुपये) तक का संचयी दुर्घटना एवं जीवन बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।

  • अत्याधुनिक उपकरणों के लिए सहायता: इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों को अपनी खेल विधा के अनुसार दुनिया के सबसे आधुनिक और महंगे खेल उपकरण (Sports Equipment) खरीदने के लिए अलग से विशेष वित्तीय अनुदान राशि दी जा रही है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह राज्य खेल नीति, प्रशासनिक नियुक्तियों और खेल अवसंरचना विकास से संबंधित समाचार रिपोर्ट सार्वजनिक हित में केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इस लेख में शामिल अनुदान की राशि (₹40.12 करोड़), चयनित खिलाड़ियों की संख्या (50 एथलीट), बीमा कवर राशि (₹25 लाख) और पदक विजेताओं की सरकारी नियुक्तियों के सांख्यिकी आंकड़े 18 मई 2026 को युवा मामले एवं खेल विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित हैं। R-TOPS योजना के विस्तृत नियम, आवेदन पात्रता या खेल कोटे की रिक्तियों की प्रमाणित आधिकारिक विनियामक जानकारी के लिए राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) या खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का ही अवलोकन करें।

अंग्रेजी (English) में इस खेल ख़बर को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com


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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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