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राजस्थान सामाजिक कल्याण एवं देवस्थान नीति: 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' का ब्लूप्रिंट जारी; 56,000 बुजुर्गों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सौगात, जल्द शुरू होंगे आवेदन

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 18 May 2026 👁️ 7 Views ⏳ 1 Min Read
राजस्थान सामाजिक कल्याण एवं देवस्थान नीति: 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' का ब्लूप्रिंट जारी; 56,000 बुजुर्गों को मिलेगी मुफ्त यात्रा की सौगात, जल्द शुरू होंगे आवेदन

जयपुर | 18 मई 2026

राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग ने प्रदेश के बुजुर्गों के लिए अपनी सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' के क्रियान्वयन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष इस कल्याणकारी योजना के दायरे को बढ़ाते हुए कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को देश-विदेश के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के निःशुल्क दर्शन करवाए जाएंगे।

देवस्थान विभाग के आयुक्त श्री लक्ष्मी नारायण मंत्री ने सोमवार, 18 मई 2026 को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत डिजिटल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद जल्द शुरू होने जा रही है। इसकी विस्तृत समय-सारणी और दिशा-निर्देश विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल [http://devasthan.rajasthan.gov.in](http://devasthan.rajasthan.gov.in) पर लाइव किए जाएंगे।


यात्रा का मार्ग और सीटों का आवंटन वर्गीकरण

बजट घोषणा के तहत इस वर्ष तीर्थयात्रियों के लिए परिवहन के दो मुख्य माध्यम तय किए गए हैं, जिनका प्रशासनिक वर्गीकरण निम्नलिखित है:

  • रेलवे मार्ग द्वारा यात्रा (50,000 सीटें): योजना के तहत सबसे बड़ा हिस्सा यानी 50,000 वरिष्ठ नागरिकों को विशेष तीर्थयात्री ट्रेनों के माध्यम से देश के 15 सुप्रसिद्ध जन-आस्था केंद्रों की यात्रा करवाई जाएगी।

  • हवाई मार्ग द्वारा यात्रा (6,000 सीटें): कुल 6,000 चयनित बुजुर्गों को विमान सेवा के जरिए तीर्थ दर्शन का लाभ मिलेगा। विशेष बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल पशुपतिनाथ (काठमांडू, नेपाल) की यात्रा केवल हवाई मार्ग के माध्यम से ही निःशुल्क करवाई जाएगी।


पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों की सूची

देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त गितेश श्री मालवीया ने योजना के विनियामक (Regulatory) और पात्रता नियमों को स्पष्ट करते हुए बताया कि योजना का लाभ केवल वास्तविक हकदार बुजुर्गों तक पहुंचे, इसके लिए कुछ कड़े नियम तय किए गए हैं।

अनिवार्य पात्रता:

  1. मूल निवास: आवेदक का राजस्थान राज्य का प्रमाणित मूल निवासी होना अनिवार्य है।

  2. आयु सीमा: आवेदन की तिथि तक वरिष्ठ नागरिक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों का विवरण:

  • जनाधार कार्ड (Jan Aadhaar Card): पहचान और पते के सत्यापन के लिए।

  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID): नागरिकता और आयु साक्ष्य के रूप में।

  • स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Fitness Certificate): यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होने की पुष्टि हेतु।

  • स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration): आवेदक को यह लिखित शपथ पत्र देना होगा कि वह आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं है और उसने पूर्व में कभी भी इस सरकारी योजना का लाभ नहीं उठाया है।


लॉटरी प्रणाली से होगा पारदर्शी चयन

विभाग के अनुसार, इच्छुक पात्र नागरिक तय तिथियां घोषित होने के बाद स्वयं के स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से या नजदीकी ई-मित्र (E-Mitra) केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी डिजिटल फॉर्म्स की छंटनी की जाएगी।

यात्रियों का चयन पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली (Computerized Lottery System) के माध्यम से अत्यंत पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। अधिकारियों ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे भविष्य के संदर्भ और लॉटरी ट्रैकिंग के लिए आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाली डिजिटल रसीद (पावती) को सुरक्षित रखें।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह सामाजिक कल्याण और धार्मिक पर्यटन संबंधी समाचार रिपोर्ट सार्वजनिक हित में केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इस लेख में शामिल सीटों की संख्या, आयु सीमा और पात्रता के तथ्य 18 मई 2026 को राजस्थान देवस्थान विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नीतिगत घोषणाओं और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित हैं। आवेदन शुरू होने की सटीक तारीखों, चुनिंदा 15 तीर्थ स्थलों की सूची या ई-मित्र शुल्क संरचना की प्रमाणित जानकारी के लिए देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल का ही अवलोकन करें।

अंग्रेजी (English) में इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com


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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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