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राजस्थान स्वास्थ्य सेवा: राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने किया विशाल निःशुल्क हृदय रोग शिविर का उद्घाटन; सात्विक आहार और नियमित व्यायाम से दिल को स्वस्थ रखने की अपील

By ज्योति सिंह 🕒 18 May 2026 👁️ 3 Views ⏳ 1 Min Read
राजस्थान स्वास्थ्य सेवा: राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने किया विशाल निःशुल्क हृदय रोग शिविर का उद्घाटन; सात्विक आहार और नियमित व्यायाम से दिल को स्वस्थ रखने की अपील

जयपुर | 17 मई 2026

राजस्थान में आम लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की गई है। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने रविवार, 17 मई 2026 को जयपुर के महावीर कॉमर्स कॉलेज में आयोजित एक विशाल निःशुल्क हृदय रोग निदान (हार्ट चेकअप) शिविर का विधिवत उद्घाटन किया।

यह लोक कल्याणकारी शिविर राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल (अहमदाबाद और राजकोट) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यपाल ने हृदय रोगों से बचाव के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।


सात्विक जीवनशैली और आयुर्वेद से दीर्घायु की राह

शिविर को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैश्विक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष दुनिया भर में एक से दो करोड़ लोग हृदय रोगों की चपेट में आते हैं।

राज्यपाल ने दिल को दुरुस्त रखने के लिए तीन मुख्य जीवनशैली सुधारों को रेखांकित किया:

  • सात्विक आहार और पोषण: हमारे खान-पान का सीधा असर हमारे दिल की धमनियों (Arteries) पर पड़ता है। इसलिए शुद्ध और संतुलित भोजन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना अनिवार्य है।

  • नियमित शारीरिक व्यायाम: धमनियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और रक्त संचार को सुचारू रखने के लिए लोगों को शारीरिक श्रम और व्यायाम के प्रति अधिक जागरूक करने की आवश्यकता है।

  • समय पर चिकित्सा जांच: शुरुआती स्तर पर ही दिल की आंतरिक स्थिति की निगरानी रखने से हार्ट अटैक जैसे बड़े खतरों को बहुत हद तक टाला जा सकता है।

प्राचीन दर्शन और दीर्घायु का उदाहरण: राज्यपाल ने स्वामी शिवानंद महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि वे 126 वर्ष की दीर्घायु तक जीवित रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करे और अपने शरीर के आंतरिक तंत्र (Internal Mechanism) के प्रति सचेत रहे, तो वह ताउम्र पूरी तरह स्वस्थ रह सकता है।


अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य लाभ; बांटे गए फ्री ऑपरेशन टोकन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' दर्शन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वास्तविक विकास वही है जो समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम छोर पर बैठे गरीब व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सत्य साईं बाबा द्वारा निर्धनों के लिए चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक और परोपकारी प्रयासों की सराहना की।

इस मानवीय पहल के तहत, शिविर के दौरान हृदय रोग से पीड़ित पाए गए और निशुल्क हार्ट ऑपरेशन के लिए चयनित किए गए गंभीर मरीजों को राज्यपाल द्वारा आधिकारिक टोकन पत्र (Approval Letters) वितरित किए गए। इन सभी चिन्हित मरीजों के दिल का ऑपरेशन सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल द्वारा पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा।

इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि और राज्य सभा सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया ने भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में साईं हार्ट हॉस्पिटल के निस्वार्थ योगदान और समर्पण की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और महावीर कॉलेज प्रशासन की टीम मौजूद रही।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी समाचार रिपोर्ट जनहित में सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इसमें शामिल वक्तव्य, आंकड़े और घोषणाएं 17 मई 2026 को राजभवन जयपुर और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम के आधिकारिक विवरणों पर आधारित हैं। निःशुल्क ऑपरेशन की पात्रता शर्तों, आगामी शिविरों के शेड्यूल या चयनित मरीजों की अस्पताल-वार सूची की प्रामाणिक जानकारी के लिए संबंधित संस्थान (श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल) के आधिकारिक पोर्टल या स्थानीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय से संपर्क करें।

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ज्योति सिंह

ज्योति सिंह एक कुशल पत्रकार, शोध विश्लेषक और प्रमुख डिजिटल समाचार मंच 'मिशन की आवाज़' की सह-संस्थापक हैं। अपने पति भूपेंद्र सिंह सोनवाल (संस्थापक और मुख्य संपादक) के साथ मिलकर काम करते हुए, ज्योति न केवल पर्दे के पीछे एक सहयोगी हैं, बल्कि मीडिया नेटवर्क के विकास की मुख्य सूत्रधार भी हैं। उनकी जीवन कहानी उच्च जोखिम वाली खोजी पत्रकारिता और गहरे पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि एक साझा दृष्टिकोण स्वतंत्र क्षेत्रीय मीडिया में क्रांति ला सकता है।

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