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राजस्थान आबकारी विभाग का 'क्लीन स्वीप' अभियान: 12 दिनों में 1158 केस दर्ज, 3.33 लाख लीटर वाॅश नष्ट

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 13 May 2026 👁️ 16 Views ⏳ 1 Min Read
राजस्थान आबकारी विभाग का 'क्लीन स्वीप' अभियान: 12 दिनों में 1158 केस दर्ज, 3.33 लाख लीटर वाॅश नष्ट

जयपुर | राज्य ब्यूरो

प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग 'एक्शन मोड' में है। 1 मई से 12 मई 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विभाग ने राज्य भर में नाकाबंदी और रेड के जरिए बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

अभियान के मुख्य आंकड़े (1 से 12 मई 2026)

आबकारी आयुक्त के अनुसार, इस अभियान ने न केवल शराब जब्त की है, बल्कि बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और वाहनों की जब्ती भी की है:

विवरण सांख्यिकी (आंकड़े)
दर्ज अभियोग (FIR) 1158
कुल गिरफ्तारियां 460 व्यक्ति
नष्ट की गई वाॅश 3,33,565 लीटर
जब्त वाहन 45 (9 बड़े, 2 हल्के और 34 दुपहिया)

जब्त की गई मदिरा का विवरण

विभाग ने विभिन्न श्रेणियों की अवैध शराब जब्त कर राजस्व हानि को रोकने में सफलता हासिल की है:

  • अंग्रेजी शराब (IMFL): ₹40.17 लाख की लागत वाली 3921 लीटर।

  • देशी मदिरा: ₹11.86 लाख की लागत वाली 4419 लीटर।

  • हथकड़ शराब: 7845 लीटर (अलवर, झालावाड़, दौसा और जयपुर जैसे जिलों में भट्टियां नष्ट की गईं)।

  • बीयर: ₹3.53 लाख मूल्य की 1562 लीटर।

प्रमुख कार्यवाहियां: उदयपुर और हनुमानगढ़ में बड़ी सफलता

हालिया कार्यवाही में उदयपुर और हनुमानगढ़ जिलों में 1.25 करोड़ रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जो तस्करों के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय झटका माना जा रहा है। अधिकारियों ने जोधपुर, राजसमंद और अन्य जिलों में भी अवैध हथकड़ शराब के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

विशेषज्ञ विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह सख्ती?

आबकारी विभाग के इस अभियान से न केवल सरकारी खजाने (राजस्व) की चोरी रुकती है, बल्कि जहरीली शराब से होने वाली जनहानि को भी रोका जा सकता है। आयुक्त मेहता का 'जीरो टॉलरेंस' संदेश स्पष्ट है—अवैध शराब के नेटवर्क में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट आबकारी विभाग राजस्थान द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और प्रेस ब्रीफिंग पर आधारित है।

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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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