LPG, PNG Prices Today: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम जारी, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत आपके शहर के ताजा रेट्स
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी भारी उतार-चढ़ाव और मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, यानी रविवार 10 मई 2026 के लिए एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) की नई दरें जारी कर दी हैं। आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कमर्शियल गैस के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है, जहां कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखी गई है।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत, कमर्शियल पर भारी बोझ
देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक, घरेलू रसोई गैस की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ खुद उठा रही हैं ताकि आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर न पड़े। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाजार में 'अमेरिका-इजरायल-ईरान' युद्ध के चलते भारी अनिश्चितता बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में औसत ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गई है। इसी तरह मुंबई में भी कीमतें ₹2,031 से बढ़कर ₹3,024 के स्तर पर पहुंच गई हैं।
महानगरों में आज के एलपीजी रेट्स (19 KG कमर्शियल सिलेंडर)
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दिल्ली: ₹3,071.50
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मुंबई: ₹3,024.00
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कोलकाता: ₹3,185.00 (अनुमानित)
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चेन्नई: ₹3,230.50 (अनुमानित)
(नोट: घरेलू 14.2 KG सिलेंडर की कीमतें राज्यवार टैक्स और परिवहन शुल्क के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन आधार मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है।)
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? वैश्विक युद्ध और तेल बाजार का संकट
कमर्शियल गैस की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति (Geopolitics) है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष, विशेष रूप से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर सैन्य गतिविधियों के कारण तेल टैंकरों का आवागमन बाधित हुआ है, जिससे 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां कमर्शियल दरों में बढ़ोतरी करके अपने घाटे की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि घरेलू सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उन्हें भारी सब्सिडी और घाटा सहना पड़ रहा है।
आम आदमी और व्यापार पर असर
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव न होने से करोड़ों गृहणियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि रसोई का बजट बिगड़ने से बच गया है। हालांकि, कमर्शियल गैस का महंगा होना परोक्ष रूप से महंगाई बढ़ा सकता है। रेस्टोरेंट, ढाबा, हलवाई और होटल उद्योग कमर्शियल गैस का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं। ₹993 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में बाहर खाना खाना, मिठाई और कैटरिंग सेवाएं महंगी होने की पूरी संभावना है।
पीएनजी (PNG) की स्थिति
पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की कीमतों में भी फिलहाल कोई बड़ी वृद्धि नहीं की गई है, लेकिन गैस कंपनियां अंतरराष्ट्रीय नेचुरल गैस इंडेक्स पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। यदि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पीएनजी की दरों में भी मामूली संशोधन देखा जा सकता है।
आगे क्या है उम्मीद?
बाजार के जानकारों का कहना है कि एलपीजी की कीमतें पूरी तरह से वैश्विक शांति और कच्चे तेल की आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। यदि मध्य पूर्व में तनाव कम होता है, तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में गिरावट आ सकती है। फिलहाल, उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के ताजा रेट्स के लिए 'इंडियन ऑयल' (Indane), 'भारत पेट्रोलियम' (Bharat Gas) या 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम' (HP Gas) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर नजर बनाए रखें।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और तेल कंपनियों द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों पर आधारित है। एलपीजी और पीएनजी की कीमतें स्थानीय करों, वैट (VAT) और वितरण शुल्क के कारण अलग-अलग शहरों और वितरकों के पास भिन्न हो सकती हैं। सटीक और आधिकारिक कीमतों की पुष्टि के लिए कृपया अपने स्थानीय वितरक या आधिकारिक तेल कंपनी पोर्टल का संदर्भ लें।
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