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भारत सरकार का बड़ा फैसला: दो विशेष प्रकार के चांदी के बार (Silver Bars) के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक; प्रतिबंधित श्रेणी में डाला

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 16 May 2026 👁️ 18 Views ⏳ 1 Min Read
भारत सरकार का बड़ा फैसला: दो विशेष प्रकार के चांदी के बार (Silver Bars) के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक; प्रतिबंधित श्रेणी में डाला

भारत सरकार ने देश के सर्राफा बाजार और विदेशी व्यापार नीति को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) ने शनिवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर चांदी की दो प्रमुख श्रेणियों के आयात पर तत्काल प्रभाव से नए प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इस नीतिगत बदलाव के तहत इन श्रेणियों को 'मुक्त' (Free) आयात की सूची से हटाकर 'प्रतिबंधित' (Restricted) श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह निर्णय सरकार द्वारा हाल ही में कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में की गई भारी बढ़ोतरी के ठीक बाद आया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Deficit) को नियंत्रित करना है।

DGFT ने बदला नियम: अब आयात के लिए लेनी होगी पहले मंजूरी

सरकार द्वारा संशोधित किए गए नए ढांचे के अनुसार, अब आयातकों को देश में निर्दिष्ट श्रेणियों के चांदी के बार लाने के लिए सरकार से पूर्व अनुमति या विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। डीजीएफटी द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ITC (HS) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाली वस्तुएं, जिनमें मुख्य रूप से 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले चांदी के बार शामिल हैं, अब नीतिगत शर्त संख्या 7 के अधीन 'प्रतिबंधित' श्रेणी का हिस्सा होंगी। इससे पहले इन कोड्स के तहत मानक अनुपालन नियमों के साथ मुक्त आयात की अनुमति थी।


आरबीआई (RBI) की निगरानी और औद्योगिक प्रभाव

नया नियम लागू होने के बाद भी चांदी के इन बारों का आयात भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वित्तीय नियमों और दिशानिर्देशों के अधीन बना रहेगा। सरकार के इस कदम से सर्राफा कारोबारियों के साथ-साथ उन उद्योगों पर भी सीधा असर पड़ने की संभावना है जो औद्योगिक और विनिर्माण इनपुट के रूप में चांदी का उपयोग करते हैं। विशेष रूप से रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery), इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सटीक पुर्जे (Precision Components) बनाने वाले क्षेत्रों को अब कच्चे माल की आपूर्ति के लिए नई प्रक्रियात्मक शर्तों से गुजरना होगा।


कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद उठाया दूसरा सख्त कदम

गौरतलब है कि यह प्रतिबंधात्मक कदम केंद्र सरकार द्वारा बजट और हालिया संशोधनों के माध्यम से सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से सीधे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बाद उठाया गया है। हाल के वर्षों में सीमा शुल्क में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। इसके साथ ही, डीजीएफटी ने रत्न और आभूषण निर्यातकों द्वारा उपयोग की जाने वाली 'अग्रिम प्राधिकरण योजना' (Advance Authorisation Scheme) के तहत शुल्क मुक्त सोने के आयात को नियंत्रित करने वाले नियमों को भी काफी सख्त कर दिया है, ताकि घरेलू बाजार में इन कीमती धातुओं के दुरुपयोग को रोका जा सके।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT), वाणिज्य मंत्रालय और आधिकारिक वित्तीय स्रोतों द्वारा 16 मई 2026 को जारी अधिसूचना और आंकड़ों पर आधारित है। आयात नियमों, आईटीसी (एचएस) कोड्स के वर्गीकरण और टैरिफ दरों से जुड़ी सटीक व कानूनी जानकारी के लिए डीजीएफटी की आधिकारिक वेबसाइट (dgft.gov.in) या सीमा शुल्क विभाग के आधिकारिक गजट को देखें।

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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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