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आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2026: वैश्विक औसत से आगे निकले खाड़ी देश (GCC), बेहतर व्यापारिक माहौल और सुधारों का दिखा असर

By समाचार कक्ष 🕒 02 May 2026 👁️ 16 Views ⏳ 1 Min Read
आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2026: वैश्विक औसत से आगे निकले खाड़ी देश (GCC), बेहतर व्यापारिक माहौल और सुधारों का दिखा असर

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने आर्थिक उदारीकरण और ढांचागत सुधारों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2026 (Economic Freedom Index 2026) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, GCC देशों का प्रदर्शन वैश्विक औसत से कहीं बेहतर रहा है। यह प्रगति क्षेत्र में बढ़ते व्यापारिक खुलेपन और निवेश के अनुकूल बनते माहौल को दर्शाती है।

वैश्विक और क्षेत्रीय तुलना: आंकड़ों में GCC की बढ़त

GCC सांख्यिकीय केंद्र (GCC-Stat) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक:

  • GCC का औसत स्कोर: 66.9 अंक रहा।

  • वैश्विक औसत: 59.9 अंक दर्ज किया गया।

  • अंतर: खाड़ी देशों ने वैश्विक औसत से लगभग 7 अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है।

अरब जगत में भी GCC देशों ने अपना दबदबा कायम रखा है और शीर्ष सात स्थानों पर कब्जा कर यह साबित किया है कि वे इस क्षेत्र की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाएं हैं। सूचकांक में यह सुधार कानून के शासन (Rule of Law), सरकारी आकार, नियामक दक्षता और बाजार के खुलेपन जैसे स्तंभों पर आधारित है।

आर्थिक विविधता: केवल तेल पर निर्भरता नहीं

रिपोर्ट के सबसे सकारात्मक पहलुओं में से एक गैर-तेल क्षेत्रों (Non-Oil Sectors) का बढ़ता योगदान है। 2025 की तीसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, GCC की अर्थव्यवस्था में तेल और गैस क्षेत्र की हिस्सेदारी 22% रही, जबकि अन्य क्षेत्रों ने मजबूत पकड़ बनाई है:

  • विनिर्माण (Manufacturing): 12.4%

  • थोक और खुदरा व्यापार: 9.7%

  • निर्माण (Construction): 8.4%

  • वित्तीय और बीमा सेवाएं: 7.0%

  • रियल एस्टेट: 5.8%

यह डेटा स्पष्ट करता है कि खाड़ी देशों के लिए 'आर्थिक विविधीकरण' अब केवल एक रणनीतिक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक वास्तविकता बन चुका है।

खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में प्रगति

प्राकृतिक चुनौतियों और पानी की कमी के बावजूद, 2024 में कृषि, पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन देखा गया है। कृषि और मछली पकड़ने के क्षेत्र का कुल योगदान लगभग $40 बिलियन तक पहुंच गया है, जो 2023 की तुलना में 5.1% की वृद्धि दर्शाता है। यह प्रगति क्षेत्र की खाद्य सुरक्षा के प्रति गंभीरता को रेखांकित करती है।

विकास के मायने: निवेश और रोजगार

आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक में सुधार केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे:

  1. विदेशी निवेश (FDI): अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

  2. रोजगार सृजन: निजी क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

  3. प्रतिस्पर्धा: वैश्विक बाजार में खाड़ी देशों की स्थिति मजबूत होगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख GCC-Stat और आधिकारिक आर्थिक बुलेटिनों द्वारा जारी सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। आर्थिक निवेश से जुड़े निर्णय लेने से पहले नवीनतम बाजार रिपोर्ट और वित्तीय सलाहकारों से परामर्श अवश्य लें। लेख का उद्देश्य सूचनात्मक है और यह किसी भी प्रकार की वित्तीय निवेश की गारंटी नहीं देता है।

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