जनसुनवाई में कलेक्टर सख्त: छोटे मामलों का समाधान अब स्थानीय स्तर पर अनिवार्य
दमोह: जिले के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाया है। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए आमजन को जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल वही प्रकरण जिला स्तर पर आएं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर—ग्राम पंचायत, तहसील या अनुभाग—पर संभव न हो। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक सुचारु और प्रभावी बनेगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि जनता का विश्वास जीतना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा नहीं होगा, तो वे प्रशासन से दूरी बना लेंगे।
जनसुनवाई के दौरान यह सामने आया कि कई ऐसे मामले भी जिला स्तर पर पहुंच रहे हैं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता था। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राजस्व विभाग और नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित शिविर आयोजित करें, जहां मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जा सके। इन शिविरों में पटवारी, पंचायत अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, ताकि अधिकतर मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि जल्द ही टी.एल. बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही आमजन से अपील की गई कि वे अपनी समस्याएं पहले स्थानीय स्तर पर ही रखें। यदि वहां समाधान नहीं होता, तभी जिला स्तर पर पहुंचें।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नालियों पर अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था जैसी समस्याएं स्थानीय स्तर पर आसानी से सुलझाई जा सकती हैं। ऐसे मामलों में लोगों को जिला मुख्यालय तक आने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान करना है, जिससे लोगों का भरोसा बना रहे। इसी कड़ी में गर्मी को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर में जनसुनवाई के दौरान आने वाले लोगों के लिए पेयजल और मट्ठे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
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