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दैनिक पंचांग अपडेट: 18 मई को रोहिणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का अद्भुत संयोग; जानें आज सोमवार के शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और व्रत-त्योहार का ज्योतिषीय महत्व

By समाचार कक्ष 🕒 18 May 2026 👁️ 11 Views ⏳ 1 Min Read
दैनिक पंचांग अपडेट: 18 मई को रोहिणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का अद्भुत संयोग; जानें आज सोमवार के शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और व्रत-त्योहार का ज्योतिषीय महत्व

सनातन धर्म में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या धार्मिक अनुष्ठान के लिए दैनिक पंचांग के ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आज सोमवार, 18 मई 2026 का दिन आध्यात्मिक और मानसिक शांति की दृष्टि से विशेष फलदायी है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। सोमवार का दिन देवों के देव महादेव और मन के कारक चंद्र देव को समर्पित होता है, जिससे आज का दिन भावनात्मक संतुलन और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है।


18 मई 2026 का विस्तृत पंचांग विवरण

वैदिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज के मुख्य पंचांग तत्व इस प्रकार हैं:

  • दिन/वार: सोमवार (Monday)

  • मास (महीना): ज्येष्ठ मास

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • तिथि: शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (शाम तक सक्रिय, इसके उपरांत तृतीया तिथि का प्रारंभ होगा)

  • नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र (सुबह तक रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र की शुरुआत होगी)

  • योग: सुकर्मा योग (रात तक प्रभावी रहेगा)

  • करण: कौलव (सुबह से लेकर शाम की अवधि तक)

  • सूर्य राशि: वृषभ राशि

  • चंद्र राशि: वृषभ राशि (चंद्रमा आज अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहे हैं)

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय (मानक समय: नई दिल्ली/उत्तर भारत)

  • सूर्योदय: सुबह 5:30 बजे के आसपास

  • सूर्यास्त: शाम 7:05 बजे के आसपास

  • चंद्रोदय: सुबह की अवधि में


आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त (समय सारणी)

वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को अशुभ और अभिजीत मुहूर्त को सबसे शुभ समय माना जाता है। किसी भी मांगलिक कार्य को करने से पहले इस समय का ध्यान रखना चाहिए:

मुहूर्त का प्रकार समय (लगभग) ज्योतिषीय प्रभाव एवं सलाह
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 से दोपहर 12:40 तक अत्यंत शुभ: इस समय में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है।
राहुकाल सुबह 7:30 से सुबह 9:00 तक अशुभ: इस समयावधि के दौरान नए व्यापार, अनुबंध या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
गुलिक काल दोपहर के बाद की अवधि सामान्य: रोजमर्रा के सामान्य कार्यों के लिए इस समय का उपयोग किया जा सकता है।
यमगंड मुहूर्त दोपहर के एक निश्चित काल में त्यागने योग्य: इस समय में भी यात्रा या महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन टालना बेहतर माना जाता है।

धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व

आज पंचांग में रोहिणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का एक साथ होना बेहद दुर्लभ और मांगलिक माना जा रहा है। रोहिणी को नक्षत्रों में सबसे सुंदर और समृद्ध माना गया है, जिसके स्वामी स्वयं चंद्र देव हैं। इसी वजह से आज देश के कई हिस्सों में श्रद्धालुओं द्वारा रोहिणी व्रत भी श्रद्धापूर्वक रखा जा रहा है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक या कच्चे दूध से रुद्राभिषेक करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक विकारों से मुक्ति मिलती है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह दैनिक पंचांग रिपोर्ट केवल सामान्य धार्मिक व ज्योतिषीय सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। अक्षांश और देशांतर (Geographical Coordinates) के अंतर के कारण देश के अलग-अलग राज्यों, शहरों और कस्बों के स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ मुहूर्त के वास्तविक समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। अतः किसी भी बड़े मांगलिक कार्य, विवाह, गृह प्रवेश या धार्मिक अनुष्ठान के सटीक समय निर्धारण के लिए अपने स्थानीय पंडित, प्रमाणित पंचांग (जैसे निर्णय सागर या ऋषिकेश पंचांग) अथवा ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें। हम समय की किसी भी विसंगति की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।

अंग्रेजी (English) में पंचांग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com


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