गांव की गलियों में पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
Bhajan Lal Sharma गुरुवार सुबह बांसवाड़ा जिले के आदिवासी क्षेत्र स्थित चुड़ादा गांव में ग्रामीणों के बीच पहुंचे और गांव की गलियों में घूमकर लोगों से सीधे संवाद किया। रात्रि चौपाल के बाद सुबह हुए इस जनसंवाद में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मांगों पर मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को धरातल पर उतारने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम विकास चौपाल इसी सोच को मजबूत करने का माध्यम बन रही है।
पीपल के पेड़ के नीचे लगी चौपाल
गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। पानी और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हीरन नदी पर एनिकट निर्माण और पेयजल स्रोतों के विकास के लिए जिला प्रशासन को कार्रवाई करने को कहा।
इसके बाद मुख्यमंत्री मां बाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट बांटी। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही ग्रामीणों से युवाओं को नशे से दूर रखने और बेहतर शिक्षा देने की अपील भी की।
वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
ग्रामीणों और कर्मचारियों द्वारा कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिश भाभोर के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत किए जाने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश के बाद चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. गिरिश भाभोर को एपीओ कर दिया।
जल संरक्षण और आधुनिक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है और हर बूंद का सही उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से माइक्रो सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, डिग्गी निर्माण और बहुआयामी खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन जोड़कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने डूंगरपुर क्षेत्र में सामुदायिक जल संरक्षण कार्यों का उदाहरण देते हुए ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में रोजगार और आय के अवसर विकसित कर युवाओं के पलायन को भी रोका जा सकता है।
मौके पर स्वीकृत हुए विकास कार्य
ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों को तुरंत मंजूरी दी। इनमें ठुम्मठ गांव में मां बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये, ठुम्मठ चौराहा पर सिंगल फेज ट्यूबवेल के लिए 20 लाख रुपये और चुड़ादा गांव स्थित मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।
इसके अलावा राजकीय विद्यालय में दो नए कक्षा-कक्ष बनाने और गांव के पास दूध संकलन केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चे के परिवार की समस्या भी सुनी और संवेदनशीलता दिखाते हुए सहायक अभियंता हेमंत कुमार कलाल का स्थानांतरण बांसवाड़ा करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संत मामा बालेश्वर दयाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर Babulal Kharadi, Hemant Meena और Gautam Kumar Dak सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
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यह लेख आधिकारिक जानकारी और प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों की सुविधा और बेहतर प्रस्तुति के लिए सामग्री को सरल एवं मानव शैली में पुनर्लेखित किया गया है।
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