राजनीति

पंजाब और हरियाणा में बी.एस.पी. का 'मिशन 2027': मायावती ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

By समाचार कक्ष 🕒 30 Apr 2026 👁️ 15 Views ⏳ 1 Min Read
पंजाब और हरियाणा में बी.एस.पी. का 'मिशन 2027': मायावती ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ने आगामी चुनावी समर के लिए अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री, सुश्री मायावती जी ने पंजाब और हरियाणा राज्य इकाइयों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए केवल एक चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि 'अंबेडकरवादी मिशन' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर हैं।

संगठन की मजबूती पर जोर और जमीनी समीक्षा

30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सुश्री मायावती जी ने पार्टी के जमीनी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर बल दिया:

  • दिशा-निर्देशों का पालन: 22 फरवरी 2026 को आयोजित ऑल-इण्डिया बैठक में दिए गए निर्देशों पर अमल की समीक्षा की गई।

  • संगठन का विस्तार: जिन क्षेत्रों में संगठन कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, वहां तत्काल सुधार कर पूरे जोश के साथ काम में जुटने के निर्देश दिए गए।

  • जनाधार बढ़ाना: पार्टी को आर्थिक और जमीनी स्तर पर मजबूत कर जनाधार बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।

पंजाब: मान्यवर श्री कांशीराम जी को 'चुनावी जीत' की श्रद्धांजलि

पंजाब की राजनीतिक स्थिति का जायजा लेते हुए मायावती जी ने भावुक और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी की जन्मस्थली होने के नाते पंजाब में बी.एस.पी. की सफलता पार्टी के लिए विशेष महत्व रखती है।

  • लक्ष्य 2027: अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम लाना ही मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

  • मेहनत और लगन: कार्यकर्ताओं को और भी अधिक लगन से कार्य करने की जरूरत है ताकि चुनावी सफलता के माध्यम से विरोधी पार्टियों को तगड़ा संदेश दिया जा सके।

हरियाणा और पंजाब में 'जन आक्रोश' और सरकारी रवैया

बैठक के दौरान दोनों राज्यों की वर्तमान कानून-व्यवस्था और सरकारों के रवैये की कड़ी निंदा की गई। बी.एस.पी. के अनुसार:

  • अव्यवस्था और भ्रष्टाचार: पंजाब और हरियाणा में व्याप्त अराजकता, भ्रष्टाचार और किसान-विरोधी नीतियों के विरुद्ध जनता में भारी आक्रोश है।

  • लोकतांत्रिक चोट: सरकारी मशीनरी के माध्यम से जन आक्रोश को दबाने की कोशिशों की निंदा करते हुए, मायावती जी ने जनता को 'वोट की सही चोट' देने की सलाह दी।

  • कथनी और करनी में अंतर: सरकार पर आरोप लगाया गया कि उनकी कथनी और करनी में भारी अंतर है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

'साफ-सुथरी' राजनीति: अपराधिक तत्वों से दूरी

बी.एस.पी. की नीति और सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए सुश्री मायावती जी ने एक बार फिर 'साफ-सुथरी' राजनीति की वकालत की।

  • अपराध मुक्त राजनीति: पार्टी संगठन में अपराधिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पंजाब और हरियाणा में भी अपराधिक तत्वों को पार्टी से दूर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

  • कर्मठ लोगों को मौका: मिशन और मूवमेंट से जुड़े अच्छे, साफ-सुथरे और कर्मठ कार्यकर्ताओं को चुनाव में आगे बढ़ने का सही मौका दिया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

बी.एस.पी. की यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि पार्टी अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित न रहकर पड़ोसी राज्यों में भी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'अंबेडकरवादी मिशन' को आधार बनाकर और अपराधिक तत्वों से दूरी बनाकर पार्टी ने पंजाब और हरियाणा में एक नई राजनीतिक दिशा देने का प्रयास किया है। अब देखना यह होगा कि कार्यकर्ता इस जोश को चुनावी सफलता में कितना बदल पाते हैं।


डिस्क्लेमर: यह लेख बी.एस.पी. द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (30.04.2026) में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य सूचना प्रदान करना है।

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