आज का पंचांग: 6 मई 2026; जानें बुधवार की तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या नई शुरुआत के लिए पंचांग का विशेष महत्व होता है। पंचांग के पाँच अंग—तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार—हमें समय की शुद्धि का ज्ञान कराते हैं। बुधवार, 6 मई 2026 का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कैसा रहेगा, आइए विस्तार से जानते हैं।
आज के पंचांग का विवरण
-
तिथि: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 07:51 AM तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि का प्रारंभ होगा।
-
नक्षत्र: मूल (Moola) नक्षत्र दोपहर 03:53 PM तक रहेगा, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा।
-
योग: आज सिद्ध योग का प्रभाव रहेगा, जो कार्यों में सफलता और सिद्धि दिलाने वाला माना जाता है।
-
वार: बुधवार (भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित)।
-
चंद्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन धनु राशि में संचरण करेंगे।
-
सूर्य राशि: सूर्य देव वर्तमान में मेष राशि में विराजमान हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त (दिल्ली समयानुसार)
-
सूर्योदय: सुबह 05:37 AM
-
सूर्यास्त: शाम 06:59 PM
-
चंद्रोदय: रात 11:15 PM (लगभग)
-
चंद्रास्त: सुबह 09:10 AM (लगभग)
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ कार्यों के लिए सही समय का चुनाव बाधाओं को दूर करता है:
-
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:12 AM से 04:54 AM तक।
-
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 AM से 12:44 PM तक (महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए श्रेष्ठ)।
-
अमृत काल: सुबह 08:46 AM से 10:34 AM तक।
अशुभ समय और राहुकाल (Avoid These Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी जाती है:
-
राहुकाल: दोपहर 12:18 PM से 01:58 PM तक।
-
यमगंड: सुबह 07:18 AM से 08:58 AM तक।
-
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:51 AM से 12:44 PM तक।
आज का विशेष महत्व
आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, जिसे बाधाओं को दूर करने वाली तिथि माना जाता है। चूंकि आज बुधवार भी है, इसलिए भगवान गणेश की आराधना करना विशेष फलदायी रहेगा। मूल नक्षत्र के दौरान आध्यात्मिक कार्यों और आत्म-चिंतन पर ध्यान देना शुभ होता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह पंचांग विभिन्न विश्वसनीय ज्योतिषीय गणनाओं और दृक पद्धतियों पर आधारित है। सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों का समय आपके स्थान (शहर) के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। किसी भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या व्यक्तिगत निर्णय के लिए स्थानीय विद्वान पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
Comments (0)
Leave a Reply