ज्योतिष

आज का पंचांग: 10 मई 2026 – जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज की तिथि का महत्व

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 09 May 2026 👁️ 8 Views ⏳ 1 Min Read
आज का पंचांग: 10 मई 2026 – जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज की तिथि का महत्व

नमस्ते दोस्तों! आज रविवार, 10 मई 2026 है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन और वैज्ञानिक परंपरा मानी जाती है। ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का सही ज्ञान हमें समय का सदुपयोग करने में मदद करता है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है।

आइए विस्तार से जानते हैं आज के ग्रह-नक्षत्रों की चाल और आपके लिए कौन सा समय मंगलकारी रहने वाला है।

आज की तिथि और नक्षत्र (Daily Panchang Details)

विवरण गणना
तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी (दोपहर 03:06 PM तक), इसके बाद नवमी
नक्षत्र धनिष्ठा (रात 12:50 AM, 11 मई तक), फिर शतभिषा
योग ब्रह्म योग (11 मई, सुबह 02:08 AM तक)
करण कौलव (दोपहर 03:07 PM तक), फिर तैतिल
वार रविवार (सूर्य देव की उपासना का दिन)

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

  • सूर्योदय: सुबह 05:33 AM (लगभग)

  • सूर्यास्त: शाम 07:02 PM (लगभग)

  • चंद्रोदय: रात 12:45 AM (11 मई)

  • चंद्रास्त: दोपहर 12:18 PM

विक्रम और शक संवत

  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)

  • शक संवत: 1948 (पराभव)

  • अयन: उत्तरायण

  • ऋतु: ग्रीष्म (Summer)


शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप आज किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं या कोई महत्वपूर्ण खरीदारी करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित समय का सदुपयोग किया जा सकता है:

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 AM से दोपहर 12:45 PM तक। (यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है)।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 PM से 03:27 PM तक।

  • अमृत काल: दोपहर 02:22 PM से 04:06 PM तक।

अशुभ समय: राहुकाल (Inauspicious Timing)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।

  • राहुकाल: शाम 05:21 PM से 07:02 PM तक।

  • यमगंड: दोपहर 12:17 PM से 01:58 PM तक।

  • गुलिक काल: दोपहर 03:40 PM से 05:21 PM तक।


आज का विशेष महत्व

आज धनिष्ठा नक्षत्र है, जिसे ज्योतिष में पंचक नक्षत्रों की श्रेणी में गिना जाता है। हालांकि, यह नक्षत्र निर्माण और सामूहिक कार्यों के लिए उन्नतिदायक माना जाता है। रविवार का दिन होने के कारण सूर्य देव को अर्घ्य देना और 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी हो सकता है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह पंचांग विभिन्न गणनाओं और पारंपरिक स्रोतों पर आधारित है। स्थान और समय क्षेत्र (Time Zone) के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों में मामूली अंतर हो सकता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपने स्थानीय पंडित या प्रमाणित ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। हम दी गई जानकारी की पूर्ण सटीकता का दावा नहीं करते हैं।


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Author

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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