एक ऐतिहासिक युग का अंत: 141 साल बाद बंद हो रही है अमेरिका की मशहूर 'Lammes Candies', आर्थिक संकट ने थामी रफ़्तार
इंटरनेशनल डेस्क: व्यापारिक जगत से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आ रही है। सन 1885 से मिठास घोल रही अमेरिका (टेक्सास) की प्रतिष्ठित कैंडी और चॉकलेट चेन 'Lammes Candies' ने अपनी सभी शाखाएं बंद करने का आधिकारिक एलान कर दिया है। 141 वर्षों तक पांच पीढ़ियों द्वारा संचालित इस पारिवारिक विरासत ने "अभूतपूर्व आर्थिक दबाव" को अपनी विदाई की मुख्य वजह बताया है।
आर्थिक दबाव और बाजार की बदलती स्थिति
कंपनी ने अपनी वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी कि मौजूदा बाजार की स्थितियों और दीर्घकालिक स्थिरता (Sustainability) का मूल्यांकन करने के बाद यह कठिन निर्णय लिया गया है। स्वामित्व टीम ने कहा, "यह फैसला हमारे लिए कतई आसान नहीं था। लैम्स कैंडीज केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही एक पारिवारिक विरासत है।"
पोकर गेम की हार से शुरू हुआ था सफर
Lammes Candies का इतिहास किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। इसकी शुरुआत 1878 में 'रेड फ्रंट कैंडी फैक्ट्री' के रूप में हुई थी। संस्थापक विलियम विर्ट लैम ने 1885 में इस व्यवसाय को एक पोकर (जुए) के खेल में हार दिया था। लेकिन उनके बेटे, डेविड टर्नर लैम सीनियर ने $800 का कर्ज चुकाकर इसे वापस पाया और 10 जुलाई 1885 को आधिकारिक तौर पर 'Lammes Candies' की नींव रखी।
'Texas Chewie Pecan Praline' की वैश्विक पहचान
1892 में कंपनी ने अपनी सबसे मशहूर मिठाई 'टेक्सास च्यूई पेकन प्रालिन' (Texas Chewie Pecan Praline) लॉन्च की थी, जो आज भी उनकी सबसे ज्यादा बिकने वाली आइटम है। 1965 में कंपनी ने चॉकलेट के क्षेत्र में विस्तार किया और वर्तमान में इसे परिवार की पांचवीं पीढ़ी (पाम, ब्रायन और लाना लैम) संभाल रही थी।
बंद होने की प्रक्रिया और आउटलेट्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, राउंड रॉक स्थित स्टोर 24 अप्रैल को ही बंद हो चुका है, जबकि ऑस्टिन स्थित फ्लैगशिप स्टोर और अन्य लोकेशंस को धीरे-धीरे बंद करने (Wind-down) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जैसे ही यह खबर फैली, ऑस्टिन के स्टोर्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो इस ऐतिहासिक स्वाद को आखिरी बार महसूस करना चाहते थे।
Chief Editor की विशेष टिप्पणी:
यह घटना दर्शाती है कि कैसे वैश्विक आर्थिक अस्थिरता सदियों पुराने स्थापित ब्रांड्स को भी प्रभावित कर रही है। Mission Ki Awaaz अपने पाठकों को सलाह देता है कि वे भी अपने आस-पास के स्थानीय और ऐतिहासिक व्यवसायों का समर्थन करें ताकि ऐसी विरासतें जीवित रह सकें।
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