बाजार

Silver Price Today (21 May 2026): सर्राफा बाजार में क्या हैं चांदी के दाम? खरीदारी से पहले देखें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 20 May 2026 👁️ 11 Views ⏳ 1 Min Read
Silver Price Today (21 May 2026): सर्राफा बाजार में क्या हैं चांदी के दाम? खरीदारी से पहले देखें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं के रुख और घरेलू स्तर पर औद्योगिक मांग के चलते भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार हलचल देखी जा रही है। आज यानी 21 मई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव में स्थिरता या हल्की नरमी का रुख बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और कमोडिटी मार्केट (MCX) के संकेतों से चांदी की चाल तय हो रही है।

यदि आप आज चांदी के आभूषण, सिक्के या सिल्लियां खरीदने की सोच रहे हैं, तो बाजार जाने से पहले देश के प्रमुख महानगरों में 999 शुद्धता (Fine Silver) के ताजा भाव अवश्य जान लें।

आज देश के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव

भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तर पर लगने वाले टैक्स, वैट (VAT) और परिवहन लागत की वजह से चांदी के खुदरा दामों में मामूली अंतर आ जाता है। नीचे दी गई तालिका में देश के बड़े शहरों के भाव (रेंज में) दिए गए हैं:

शहर प्रति 10 ग्राम (₹) प्रति 100 ग्राम (₹) प्रति 1 किलोग्राम (₹)
दिल्ली 2,780 - 2,820 27,800 - 28,200 2,78,000 - 2,82,000
मुंबई 2,760 - 2,810 27,600 - 28,100 2,76,000 - 2,81,000
चेन्नई 2,820 - 2,860 28,200 - 28,600 2,82,000 - 2,86,000
कोलकाता 2,770 - 2,830 27,700 - 28,300 2,77,000 - 2,83,000
बेंगलुरु 2,765 - 2,815 27,650 - 28,150 2,76,500 - 2,81,500
हैदराबाद 2,780 - 2,830 27,800 - 28,300 2,78,000 - 2,83,000

(नोट: उपरोक्त दरें हालिया बाजार बंद होने के समय के आंकड़ों पर आधारित हैं। 21 मई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और हाजिर बाजार खुलने के बाद नई कीमतें जारी होंगी, जिनमें बदलाव संभव है।)

चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारण

सोने की तुलना में चांदी की कीमतें अधिक अस्थिर होती हैं, क्योंकि इसके पीछे कई औद्योगिक कारण भी जिम्मेदार होते हैं:

  1. औद्योगिक मांग (Industrial Demand): चांदी का उपयोग आभूषणों के अलावा बड़े पैमाने पर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (EV) कंपोनेंट्स और चिकित्सा उपकरणों में होता है। वैश्विक उद्योगों से आने वाली मांग इसकी कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

  2. अंतरराष्ट्रीय संकेत: वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंज (जैसे COMEX) पर चांदी के दाम, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसले।

  3. करेंसी एक्सचेंज रेट: अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) की विनिमय दर।

  4. घरेलू मांग: भारत में शादी-ब्याह के सीजन, धनतेरस, दीपावली और अन्य प्रमुख त्योहारों पर चांदी के सिक्कों और बर्तनों की मांग काफी बढ़ जाती है।

खरीदारों और शुद्धता के लिए जरूरी टिप्स

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी में निवेश करना आपके पोर्टफोलियो को विविधता (Diversification) देने का एक अच्छा जरिया है। हालांकि, इसमें कम अवधि में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा होता है, इसलिए लंबी अवधि का नजरिया रखना ही समझदारी है। भौतिक चांदी (सिक्के या बार) खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क (999 शुद्धता) जरूर चेक करें। इसके अलावा, डिजिटल सिल्वर या सिल्वर ईटीएफ (ETF) भी निवेश के आधुनिक और सुरक्षित माध्यम बन चुके हैं।


Disclaimer: इस लेख में प्रस्तुत की गई जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। सर्राफा बाजार के भावों में रियल-टाइम (लाइव) बदलाव होते रहते हैं। यह लेख किसी भी प्रकार के वित्तीय निवेश या खरीद-बिक्री की प्रत्यक्ष सलाह नहीं देता है। कोई भी सौदा करने से पहले अपने स्थानीय प्रमाणित वित्तीय सलाहकार, अधिकृत बैंक या विश्वसनीय सर्राफा व्यापारी से दरों की पुष्टि अवश्य कर लें।

To read this article in English, please visit missionkiawaaz.com.

🏷️ Tags: #
Author

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Comments (0)

Leave a Reply