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World Meditation Day 2026: आध्यात्मिक गुरु रासेश्वरी देवी ने ओडिशा में 1,500 सीटों वाले मेडिटेशन सेंटर की घोषणा की

By ज्योति सिंह 🕒 22 May 2026 👁️ 35 Views ⏳ 1 Min Read
World Meditation Day 2026: आध्यात्मिक गुरु रासेश्वरी देवी ने ओडिशा में 1,500 सीटों वाले मेडिटेशन सेंटर की घोषणा की

विश्व ध्यान दिवस (World Meditation Day) 2026 के अवसर पर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु रासेश्वरी देवी ने भारत की प्राचीन ध्यान परंपरा को आधुनिक जीवन से जोड़ने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं का अनावरण किया है। इन पहलों का उद्देश्य न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार करना है, बल्कि युवाओं और आम जनमानस को मानसिक शांति और अनुशासन के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना भी है।

प्रमुख पहल: ओडिशा में विशाल मेडिटेशन हॉल

ब्रज गोपिका सेवा मिशन (Braj Gopika Seva Mission) के तत्वावधान में, ओडिशा के खुर्दा जिले (तंगी के निकट) में एक अत्याधुनिक योग एवं ध्यान केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।

  • क्षमता: इस हॉल में एक साथ 1,500 से अधिक लोग ध्यान और योग का अभ्यास कर सकेंगे।

  • उद्देश्य: यह केंद्र भविष्य में आध्यात्मिक रिट्रीट, योग शिक्षा और सामुदायिक कल्याण गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

हरिद्वार में मेगा मेडिटेशन कैंप

आध्यात्मिक गतिविधियों को गति देने के लिए, 11 जून से 17 जून 2026 तक हरिद्वार में एक सप्ताह के 'मेगा मेडिटेशन कैंप' का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में लगभग 2,500 साधकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागी भी होंगे। कैंप में योग दर्शन, व्यावहारिक ध्यान तकनीक और तनाव प्रबंधन पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कौन हैं रासेश्वरी देवी?

रासेश्वरी देवी 'ब्रज गोपिका सेवा मिशन' की संस्थापक-अध्यक्ष हैं। उन्होंने 1998 में इस संस्था की स्थापना की थी। उनके जीवन का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है:

  • पृष्ठभूमि: भिलाई में जन्मी रासेश्वरी देवी ने गणित और अंग्रेजी साहित्य में अपनी शिक्षा पूरी की।

  • आध्यात्मिक दीक्षा: उन्होंने 1988 में जगद्गुरु स्वामी श्री कृपालु जी महाराज के मार्गदर्शन में संन्यास ग्रहण किया।

  • कार्यशैली: पिछले तीन दशकों से वे सनातन वैदिक दर्शन, श्री कृष्ण भक्ति और उपनिषदों के ज्ञान को सरल भाषा में युवाओं तक पहुँचा रही हैं।

आधुनिक युग में प्राचीन ज्ञान की प्रासंगिकता

रासेश्वरी देवी की शिक्षाओं की सबसे बड़ी विशेषता उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण है। वे जटिल दार्शनिक विषयों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence), निर्णय लेने की क्षमता और व्यक्तिगत विकास से जोड़कर समझाती हैं। 'बाल संस्कार शिविर' और 'युवा उत्थान शिविर' जैसे उनके कार्यक्रम बच्चों और युवाओं में नैतिक मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्हें उनकी सेवाओं के लिए युवा कार्य मंत्रालय और ग्लोबल पीस अवार्ड 2022 जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और प्रेस इनपुट्स पर आधारित है। आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने या किसी भी संस्थान से जुड़ने से पहले पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे स्वयं संस्था की आधिकारिक वेबसाइट और प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें।

🏷️ Tags: #raseshwari devi ji world meditation day news
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ज्योति सिंह

ज्योति सिंह एक कुशल पत्रकार, शोध विश्लेषक और प्रमुख डिजिटल समाचार मंच 'मिशन की आवाज़' की सह-संस्थापक हैं। अपने पति भूपेंद्र सिंह सोनवाल (संस्थापक और मुख्य संपादक) के साथ मिलकर काम करते हुए, ज्योति न केवल पर्दे के पीछे एक सहयोगी हैं, बल्कि मीडिया नेटवर्क के विकास की मुख्य सूत्रधार भी हैं। उनकी जीवन कहानी उच्च जोखिम वाली खोजी पत्रकारिता और गहरे पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि एक साझा दृष्टिकोण स्वतंत्र क्षेत्रीय मीडिया में क्रांति ला सकता है।

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