सवाई माधोपुर कृषि अपडेट: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को संबल; खरीफ-2025 के लिए ₹47.33 करोड़ का रिकॉर्ड मुआवजा स्वीकृत, 51 हजार से अधिक किसान लाभांवित
सवाई माधोपुर/जयपुर | 17 मई 2026
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। जिला कलक्टर काना राम के विशेष निर्देशन और निरंतर प्रशासनिक निगरानी के चलते जिले के किसानों को खरीफ-2025 सीजन के लिए 47 करोड़ 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड क्लेम राशि स्वीकृत की गई है। यह वित्तीय मुआवजा संकट के समय स्थानीय अन्नदाताओं के लिए बड़ी आर्थिक राहत और संबल का जरिया बना है।
वैज्ञानिक आकलन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि खरीफ 2025 सीजन के दौरान अत्यधिक भारी बारिश (अतिवृष्टि) के कारण सवाई माधोपुर में बाजरा, तिल और उड़द की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था।
जिला प्रशासन के समन्वय से कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने वैज्ञानिक पद्धति से त्वरित सर्वे, फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) और औसत उपज का सटीक आकलन किया। इसके परिणामस्वरूप, योजना के तहत अब तक 51 हजार 370 बीमित किसानों के बैंक खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपये की मुआवजा राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा कराई जा चुकी है। शेष राशि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।
गौरतलब है कि पिछले साल (खरीफ 2024) में जिले के किसानों को ₹35 करोड़ 44 लाख का क्लेम मिला था, जिसकी तुलना में इस वर्ष की स्वीकृत राशि अब तक की सर्वाधिक है। यह वृद्धि योजना के प्रति किसानों के बढ़ते भरोसे और समय पर प्रीमियम जमा करने की जागरूकता को दर्शाती है।
तहसीलवार मुआवजा वितरण के मुख्य आंकड़े
सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) श्याम बिहारी मधुरिया के अनुसार, जिले की विभिन्न तहसीलों में स्वीकृत क्लेम राशि का विवरण इस प्रकार है:
| तहसील का नाम | स्वीकृत दावा राशि (₹) |
| सवाई माधोपुर | 20 करोड़ 60 लाख |
| चौथ का बरवाड़ा | 8 करोड़ 96 लाख |
| मलारना डूंगर | 3 करोड़ 41 लाख |
| खंडार | 2 करोड़ 89 लाख |
| बौंली | 2 करोड़ 54 लाख |
| बरनाला | 2 करोड़ 05 लाख |
| तलावड़ा | 1 करोड़ 78 लाख |
| वजीरपुर | 1 करोड़ 51 लाख |
| बामनवास | 1 करोड़ 42 लाख |
| मित्रपुरा | 65 लाख |
| गंगापुर | 47 लाख |
इस सीजन में जिले के 68,258 किसानों द्वारा कुल 3 लाख 77 हजार 687 बीमा पॉलिसियां ली गई थीं, जिसके तहत लगभग 53,968 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमित किया गया था। इसके लिए किसानों ने ₹4.80 करोड़ के प्रीमियम का योगदान दिया था।
जमीनी अनुभव: कम प्रीमियम पर मिला बड़ा क्लेम
योजना के व्यावहारिक लाभों को साझा करते हुए कुश्तला गांव के किसान मेरवाल सिंह ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में ₹5,315 का प्रीमियम जमा किया था, जिसके बदले उन्हें ₹1,81,000 का दावा भुक्तान प्राप्त हुआ है। इसी तरह खिजूरी गांव के एक अन्य किसान को ₹3,800 के प्रीमियम के एवज में अपनी 5.5 एकड़ भूमि के लिए ₹1,06,000 का मुआवजा मिला है।
भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री गजानंद जाट ने भी उड़द की फसल खराब होने पर ₹50,000 से अधिक का क्लेम मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि वे सही गिरदावरी और समय पर फसल क्षति की ऑनलाइन सूचना दर्ज कराकर इस सुरक्षा चक्र का हिस्सा बनें।
१ जुलाई से शुरू होगा खरीफ-2026 का नामांकन
कृषि विभाग के अधिकारियों ने सूचित किया है कि आगामी खरीफ-2026 सीजन के लिए फसल बीमा नामांकन की प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक संचालित की जाएगी।
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ऋणी किसान: इनका बीमा संबंधित बैंक शाखाओं के माध्यम से स्वतः ही नवीनीकृत/प्रबंधित किया जाएगा।
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गैर-ऋणी किसान: ऐसे कृषक राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP), नजदीकी ई-मित्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अधिकृत बीमा प्रतिनिधियों के जरिए स्वैच्छिक आवेदन कर सकते हैं।
गैर-ऋणी किसानों को अधिसूचित फसलों की कुल बीमित राशि का मात्र 2% प्रीमियम देना होगा। आवेदन के समय पहचान पत्र (जैसे जनआधार या अन्य राज्य स्वीकृत पहचान पत्र), बैंक पासबुक, भूमि स्वामित्व के दस्तावेज, बुवाई प्रमाण-पत्र और स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। कलक्टर काना राम ने सभी क्षेत्रीय किसानों से समयबद्ध पंजीकरण कराने का आग्रह किया है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह कृषि कल्याण और ग्रामीण विकास से जुड़ी समाचार रिपोर्ट सार्वजनिक हित के लिए तैयार की गई है। इसमें शामिल सांख्यिकी आंकड़े, तहसीलवार आवंटन और योजना के नियम 17 मई 2026 को जिला प्रशासन सवाई माधोपुर और कृषि विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और तकनीकी रिपोर्टों पर आधारित हैं। बीमा दावों के व्यक्तिगत मूल्यांकन, विशिष्ट पात्रता शर्तों और आगामी खरीफ-2026 के प्रीमियम स्लैब में किसी भी प्रशासनिक बदलाव की प्रामाणिक जानकारी के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (pmfby.gov.in) या क्षेत्रीय कृषि कार्यालय का रुख करें।
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