राजस्थान

दवा विक्रेताओं की हड़ताल: मरीजों को राहत देने के लिए बुधवार को 14 घंटे खुले रहेंगे सहकारी दवा केन्द्र

By ज्योति सिंह 🕒 19 May 2026 👁️ 14 Views ⏳ 1 Min Read
दवा विक्रेताओं की हड़ताल: मरीजों को राहत देने के लिए बुधवार को 14 घंटे खुले रहेंगे सहकारी दवा केन्द्र

जयपुर: प्रदेश के दवा विक्रेताओं द्वारा बुधवार को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार ने आमजन और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि राज्यभर में संचालित सभी सहकारी दवा विक्रय केन्द्र और प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र बुधवार, 20 मई को सुबह 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुले रहेंगे।

538 केन्द्रों पर मिलेगी राहत

सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने जानकारी दी कि हड़ताल के दौरान मरीजों को दवाओं की कमी न हो, इसके लिए कॉनफेड, सहकारी उपभोक्ता भण्डारों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक तैयारी की गई है। राजस्थान भर में ऐसे कुल 538 केन्द्र हैं, जो बुधवार को लगातार 14 घंटे सेवाएं देंगे।

पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश

डॉ. समित शर्मा ने कॉनफेड और जिला सहकारी भण्डार के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन केन्द्रों पर जीवनरक्षक दवाओं (Life-saving drugs) सहित अन्य सभी आवश्यक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। इन सहकारी केन्द्रों पर लगभग दो हजार से अधिक प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े।

यह निर्णय चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और संकट के समय मरीजों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन ने मरीजों से अपील की है कि वे हड़ताल की स्थिति में इन सहकारी दवा केन्द्रों का लाभ उठा सकते हैं।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। यह केवल जनहित और सूचना के उद्देश्य से है। दवा की उपलब्धता और अन्य जानकारी के लिए अपने नजदीकी सहकारी दवा केन्द्र से संपर्क करें।

अंग्रेजी में समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com


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ज्योति सिंह

ज्योति सिंह एक कुशल पत्रकार, शोध विश्लेषक और प्रमुख डिजिटल समाचार मंच 'मिशन की आवाज़' की सह-संस्थापक हैं। अपने पति भूपेंद्र सिंह सोनवाल (संस्थापक और मुख्य संपादक) के साथ मिलकर काम करते हुए, ज्योति न केवल पर्दे के पीछे एक सहयोगी हैं, बल्कि मीडिया नेटवर्क के विकास की मुख्य सूत्रधार भी हैं। उनकी जीवन कहानी उच्च जोखिम वाली खोजी पत्रकारिता और गहरे पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि एक साझा दृष्टिकोण स्वतंत्र क्षेत्रीय मीडिया में क्रांति ला सकता है।

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