करौली: ग्राम पंचायत लेदिया में जिला कलेक्टर की 'रात्रि चौपाल', जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
करौली (राजस्थान): शासन और प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुँचाने की मुहिम के तहत गुरुवार को सपोटरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लेदिया में 'रात्रि चौपाल' का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और सुझाव लेकर पहुँचे। कलेक्टर ने बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक परिवादी को सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजी न होकर धरातल पर दिखना चाहिए।
जनसुनवाई में गूँजे बुनियादी मुद्दे
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें पेश कीं। इनमें प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित रहे:
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जल जीवन मिशन: ग्रामीणों ने मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर आक्रोश जताया, जिस पर कलेक्टर ने सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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पेयजल एवं विद्युत: भीषण गर्मी को देखते हुए सुचारू पेयजल आपूर्ति और नए विद्युत कनेक्शनों में हो रही देरी के प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
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अन्य विभाग: चिकित्सा, राजस्व और समाज कल्याण विभाग से जुड़ी पेंशन और भूमि संबंधी परिवेदनाएं भी प्राप्त हुईं।
अधिकारियों को '15 दिन' की डेडलाइन
जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने प्रशासनिक ढिलाई पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि रात्रि चौपाल और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित सभी प्रकरणों का आगामी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा:
"प्रशासन का मुख्य ध्येय आमजन को राहत पहुँचाना है। किसी भी परिवादी को अपने हक के लिए अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना संबंधित विभाग के अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।"
प्रशासन की उपस्थिति
इस जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर के साथ प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा, जिससे कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान संभव हो सका। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिडवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) लखन सिंह, सपोटरा उपखण्ड अधिकारी (SDM) पंकज बड़गुर्जर और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस पहल से लेदिया और आसपास के ग्रामीणों में एक नई उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सकेगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय (DIPR), करौली द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के तथ्यों पर आधारित है। इसका उद्देश्य जनहित में सूचना का प्रसार करना है। किसी भी योजना के लाभ या शिकायत के निवारण हेतु कृपया आधिकारिक सरकारी पोर्टल (जैसे राजस्थान संपर्क) या संबंधित विभागीय कार्यालय से संपर्क करें। लेखक या प्रकाशक सरकारी निर्णयों में किसी भी बदलाव के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
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