करौली: तीन नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और जातीय अपमान का मामला, आरोपी के खिलाफ POCSO व SC/ST एक्ट में FIR दर्ज
राजस्थान के करौली जिले से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। मासलपुर थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग बच्चियों के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकतें करने और जातिगत अपमान करने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) कानून के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3 बजे की है। तीन नाबालिग बच्चियां जलपान (मोमोज-चाउमीन) लेने गई थीं। आरोप है कि स्थानीय निवासी ने बच्चियों को रुपयों का लालच देकर बहलाया-फुसलाया और अपनी दुकान की पहली मंजिल पर ले गया।
शिकायत के मुताबिक, वहां आरोपी ने बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें कीं और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। घटना के बारे में जानकारी मिलने पर परिजनों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
कानूनी कार्रवाई और FIR
पीड़ित पक्ष ने 29 अप्रैल को महिला थाना करौली में अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर FIR संख्या 0063/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया है:
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भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 74 और 75(2)
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पोक्सो एक्ट (POCSO Act): धारा 7 और 8 (यौन उत्पीड़न)
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SC/ST एक्ट: धारा 3(1)(w) और 3(2)(va) (जातिगत अत्याचार)
मामले की जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए, जिला पुलिस प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी SC/ST सेल के आरपीएस (RPS) अधिकारी दुलीचन्द को सौंपी है।
त्वरित गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग
इस घटना को लेकर सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। जाटव समाज सुधार समिति करौली के प्रवक्ता रिंकू कुमार जाटव (रिंकू खेड़ी हैवत) ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र लिखकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
समिति ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
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पीड़ित बच्चियों के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष (164 CrPC/BNSS) जल्द दर्ज कराए जाएं।
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मामले की समयबद्ध जांच कर चालान पेश किया जाए।
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पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता और सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
रिंकू जाटव ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर हमला है। हम पुलिस से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।"
पुलिस का पक्ष
महिला थाना पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और बच्चियों का मेडिकल परीक्षण व अन्य विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख उपलब्ध प्राथमिक जानकारी और दर्ज FIR के विवरणों पर आधारित है। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। पोक्सो एक्ट के तहत पीड़िताओं की पहचान गुप्त रखी गई है। यह सामग्री सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और पूरी तरह से मौलिक व कॉपीराइट मुक्त है।
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