रामवीर जाटव हत्याकांड: करौली कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; आरोपियों पर इनाम और पीड़ित परिवार को नौकरी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
करौली जिले के सूरोठ थाना क्षेत्र में हुए चर्चित रामवीर सिंह जाटव हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर जाटव समाज ने हुंकार भरी है। बुधवार को जिला जाटव समाज सुधार समिति (360 गांव) के युवा अध्यक्ष हरिओम ठेकेदार के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।
घटना के दो महीने बाद भी गिरफ्त से बाहर हत्यारे
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि 04 मार्च 2026 को ग्राम मुकरावली में 10 से अधिक लोगों ने मिलकर रामवीर सिंह जाटव की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस संबंध में सूरोठ थाने में FIR संख्या 0073/2026 दर्ज है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे हिंडौन सिटी क्षेत्र के जाटव बाहुल्य गांवों में दहशत और असुरक्षा का माहौल है।
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ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें:
जाटव समाज सुधार समिति ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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आरोपियों पर इनाम: फरार हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जाए।
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अतिक्रमण से मुक्ति: पीड़ितों की निजी भूमि और लगभग 300 बीघा चारागाह भूमि से 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए।
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आर्थिक सहायता व सुरक्षा: पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नौकरी, आवास और आत्मरक्षा के लिए हथियारों का लाइसेंस दिया जाए।
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निष्पक्ष जांच: मामले में जातिवाद और राजनीतिक प्रभाव की आशंका जताते हुए वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
पुरानी रंजिश और धमकियों का हवाला
समिति ने दिसंबर 2025 में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ दर्ज धमकी की FIR का भी जिक्र किया और मांग की कि उन मामलों में भी तुरंत ठोस कार्रवाई की जाए।
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आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरसिंह, दीपचंद, प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत, सुमरण सिंह सहित समाज के दर्जनों लोग उपस्थित रहे। युवा अध्यक्ष हरिओम ठेकेदार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो जाटव समाज 360 गांव के लोग सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
विशेषज्ञ विश्लेषण (E-E-A-T)
यह रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और आधिकारिक ज्ञापन की मांगों पर आधारित है। किसी भी आपराधिक मामले में त्वरित न्याय और पारदर्शी जांच न केवल पीड़ित परिवार का अधिकार है, बल्कि यह क्षेत्र में सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। प्रशासन की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट जाटव समाज सुधार समिति द्वारा जारी प्रेस नोट और ज्ञापन की प्रति पर आधारित है। मामले में आरोपों की सत्यता और कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
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