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मई में 'मानसून' जैसा अहसास: IMD का अलर्ट, भीषण गर्मी के बीच झमाझम बारिश और ठंडक की भविष्यवाणी

By समाचार कक्ष 🕒 03 May 2026 👁️ 9 Views ⏳ 1 Min Read
मई में 'मानसून' जैसा अहसास: IMD का अलर्ट, भीषण गर्मी के बीच झमाझम बारिश और ठंडक की भविष्यवाणी

आमतौर पर मई का महीना भीषण लू और चिलचिलाती धूप के लिए जाना जाता है, लेकिन साल 2026 का मई कुछ अलग होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने देश के अधिकांश हिस्सों में पारा गिरने वाला है और 'प्री-मानसून' बारिश सामान्य से कहीं अधिक रहने वाली है।

IMD का पूर्वानुमान: क्या कहता है डेटा?

IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि मई 2026 में भारत में औसत वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का 110% से अधिक रहने की संभावना है।

  • तापमान में गिरावट: उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 2°C से 6°C तक कम दर्ज किया जा सकता है।

  • रातों का मिजाज: हालांकि दिन ठंडे रहेंगे, लेकिन आर्द्रता (Humidity) अधिक होने के कारण कुछ इलाकों में रातें सामान्य से थोड़ी गर्म महसूस हो सकती हैं।

इन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग ने भौगोलिक आधार पर बारिश का वर्गीकरण किया है:

  1. मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात में गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। राजस्थान में भी धूल भरी आंधी के बजाय इस बार बारिश का जोर रहेगा।

  2. दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में भारी प्री-मानसून बारिश की चेतावनी (Yellow Alert) दी गई है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी बादल मेहरबान रहेंगे।

  3. उत्तर भारत: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के निवासियों को इस बार 'हीटवेव' से बड़ी राहत मिलेगी। रुक-रुक कर होने वाली बारिश से मौसम खुशनुमा बना रहेगा।

  4. पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 'काल बैसाखी' जैसी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं।

मौसम में इस बड़े बदलाव का कारण क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में ला नीना (La Niña) की स्थितियां दोबारा सक्रिय हो रही हैं, जो अक्सर भारतीय उपमहाद्वीप में बेहतर बारिश का संकेत देती हैं। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले 'लो प्रेशर एरिया' (कम दबाव के क्षेत्र) नमी को मैदानी इलाकों तक धकेल रहे हैं, जिससे मई में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है।

आम जनता और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइंस

अचानक बदलते इस मौसम को देखते हुए प्रशासन ने कुछ सलाह जारी की है:

  • किसानों के लिए: कटी हुई फसलों या खलिहान में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों का बीमा और सुरक्षा सुनिश्चित करें।

  • स्वास्थ्य: दिन के ठंडे तापमान के कारण लोग लापरवाही न बरतें। वायरल संक्रमण से बचने के लिए उबला हुआ पानी पिएं और अचानक तापमान बदलने पर सावधानी रखें।

  • ट्रैवल: पहाड़ी क्षेत्रों (हिमाचल, उत्तराखंड) की यात्रा करने वाले पर्यटक स्थानीय मौसम अपडेट देखकर ही घर से निकलें।


डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी मई 2026 के मासिक पूर्वानुमान पर आधारित है। मौसम एक परिवर्तनशील विज्ञान है, इसलिए स्थानीय स्तर पर स्थितियों में बदलाव संभव है। सटीक और वास्तविक समय की जानकारी के लिए कृपया IMD की आधिकारिक वेबसाइट या 'मौसम' ऐप का उपयोग करें।


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