राजस्थान

गाँव की चौपाल पर पहुँचा विकास: करौली में 'ग्राम रथ' से बदली किसानों की तकदीर, पटोंदा के किसानों ने पेश की मिसाल

By समाचार कक्ष 🕒 30 Apr 2026 👁️ 12 Views ⏳ 1 Min Read
गाँव की चौपाल पर पहुँचा विकास: करौली में 'ग्राम रथ' से बदली किसानों की तकदीर, पटोंदा के किसानों ने पेश की मिसाल

करौली: राजस्थान सरकार द्वारा संचालित 'ग्राम रथ अभियान' हिंडौन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में विकास की नई इबारत लिख रहा है। एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से गाँव-गाँव पहुँच रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अब धरातल पर बदलाव लाने लगी है। हाल ही में श्री महावीर जी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पटोंदा में आयोजित शिविर इस अभियान की सफलता का जीता-जागता उदाहरण बना।

गाँव के द्वार पर मिल रहा योजनाओं का लाभ

पटोंदा में आयोजित शिविर के दौरान न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया, बल्कि मौके पर ही पात्र लोगों को लाभान्वित भी किया गया।

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण: विकास अधिकारी द्वारा किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, ताकि वे वैज्ञानिक ढंग से खेती कर सकें।

  • सीधा संवाद: उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।


सफलता की दास्तां: जब योजनाओं ने दिया आर्थिक संबल

कृषि विभाग की अनुदान योजनाओं ने पटोंदा और कजानीपुर के किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पेश हैं तीन ऐसी कहानियाँ जो आधुनिक कृषि की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती हैं:

1. आधुनिक कृषि यंत्रों से आसान हुई राह

कजानीपुर निवासी कल्लन जाट ने 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन' योजना के तहत आवेदन किया था। उन्हें विभाग से 1 लाख 25 हजार रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई।

  • लाभ: कल्लन अब आधुनिक मशीन के जरिए फसल अवशेषों से उच्च गुणवत्ता वाला भूसा तैयार कर रहे हैं। इससे पशु चारे की समस्या हल हुई है और अतिरिक्त भूसा बेचकर उनकी आय में भी इजाफा हुआ है।

2. जैविक खाद से सुधर रही मिट्टी की सेहत

कजानीपुर की ही सिया देवी और सीमा देवी को जीजेयूवाई (GJUY) योजना के तहत वर्मी बेड स्थापना के लिए 10-10 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई।

  • लाभ: इस सहायता से उन्होंने जैविक खाद का निर्माण शुरू किया है, जिससे खेती की लागत कम हुई है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति में सुधार हुआ है।

3. श्रम और समय की बचत

किसान लीलाधर को भी कृषि यंत्रों की खरीद के लिए 1 लाख 25 हजार रुपये का सरकारी अनुदान मिला है।

  • लाभ: आधुनिक यंत्रों के उपयोग से कृषि कार्यों में तेजी आई है, जिससे समय और मेहनत दोनों की भारी बचत हो रही है।


संवाद का मजबूत माध्यम बना 'ग्राम रथ'

ग्रामीणों का मानना है कि पहले योजनाओं की जानकारी के अभाव में वे लाभ से वंचित रह जाते थे, लेकिन अब ग्राम रथ अभियान के जरिए जानकारी और लाभ दोनों गाँव में ही उपलब्ध हैं। यह अभियान केवल एक प्रचार वाहन नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त सेतु बनकर उभरा है।


निष्कर्ष: राज्य सरकार की इन योजनाओं ने न केवल किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान की है, बल्कि उन्हें आधुनिक और लाभकारी कृषि अपनाने के लिए प्रेरित भी किया है।


डिस्प्लेमर: यह लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, करौली द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक पुष्टि के लिए विभाग की वेबसाइट का अवलोकन करें।

🏷️ Tags: #
Author

समाचार कक्ष

यह मिशन की आवाज का आधिकारिक समाचार कक्ष (News Desk) है। यहाँ हमारी अनुभवी संपादकीय टीम 24/7 सक्रिय रहकर देश-दुनिया की विश्वसनीय, निष्पक्ष और सटीक खबरें आप तक पहुँचाती है।

Comments (0)

Leave a Reply