वैश्विक ऊर्जा संकट: अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 4 साल के उच्चतम स्तर पर; $4.50 के पार हुआ भाव
ईरान में चल रहे युद्ध और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी बाधाओं के कारण अमेरिका में पेट्रोल (Gas) की कीमतें चार साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को अमेरिका में नियमित अनलेडेड गैस की औसत कीमत $4.51 प्रति गैलन दर्ज की गई, जो जुलाई 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है।
युद्ध और आपूर्ति का संकट
गैस-बडी (GasBuddy) के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक पेट्रोल की कीमतों में $1.54 प्रति गैलन की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। पेट्रोलियम विश्लेषक पैट्रिक डी हान का मानना है कि जब तक कोई शांति समझौता नहीं होता, तब तक कीमतों में गिरावट की संभावना कम है। वर्तमान में अमेरिकी गैस भंडार कई वर्षों के मौसमी निचले स्तर पर है, जो कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना रहा है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और जमीनी हालात
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) शुरू किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के आदेश के बाद से यह क्षेत्र तनाव का केंद्र बना हुआ है।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार:
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अप्रैल में युद्धविराम के बावजूद, ईरानी सेना ने व्यापारिक जहाजों पर 9 बार हमले किए हैं।
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ईरान द्वारा दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया गया है।
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अमेरिकी बलों पर भी इस क्षेत्र में 10 बार हमले हुए हैं।
रक्षा विभाग की चेतावनी
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने मांग की कि निर्दोष व्यापारिक जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वैश्विक व्यापार की सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा।
बाजार की स्थिति (Current Market Status)
रिपोर्ट लिखे जाने तक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ी हुई हैं:
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ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): $108.11 प्रति बैरल
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क्रूड ऑयल (WTI): $100.69 प्रति बैरल
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक ब्रीफिंग से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। तेल की कीमतें और युद्ध की स्थितियां वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक बदलावों के अधीन हैं।
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