Global Condemnation: यूएई पर ईरानी हमलों की दुनिया भर में तीखी निंदा; सऊदी, कतर और पश्चिमी देशों ने जताया पूर्ण समर्थन
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद वैश्विक समुदाय एकजुट हो गया है। खाड़ी देशों से लेकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक, विश्व नेताओं ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है।
खाड़ी देशों की एकजुटता: 'संप्रभुता का उल्लंघन'
यूएई के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को पड़ोसी देशों के शीर्ष नेताओं के फोन कॉल प्राप्त हुए, जिसमें उन्होंने यूएई की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई:
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कतर: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह यूएई की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमला है।
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सऊदी अरब: सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब यूएई द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।
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GCC और MWL: खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने भी एक स्वर में कहा कि नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।
वैश्विक प्रतिक्रिया: पश्चिमी देशों ने की शांति की अपील
दुनिया भर की प्रमुख शक्तियों ने ईरान के इन "अकारण" हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है:
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कनाडा: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए यूएई के रक्षात्मक प्रयासों की सराहना की और एकजुटता व्यक्त की।
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फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इन हमलों को "अनुचित" बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को समुद्री यातायात के लिए खोलने और एक स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
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ब्रिटेन: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि इस तरह के तनाव को तुरंत रुकना चाहिए और ईरान को शांति वार्ता में सार्थक रूप से शामिल होने की जरूरत है।
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जर्मनी और बेल्जियम: दोनों देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की मांग की।
क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव
नेताओं ने चर्चा की कि इस तरह के हमलों का न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। पाकिस्तान और जॉर्डन ने भी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए संघर्ष विराम और कूटनीतिक संवाद का होना अत्यंत आवश्यक है।
निष्कर्ष
यूएई पर हुए इन हमलों ने एक बार फिर मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएई को मिला भारी समर्थन यह दर्शाता है कि वैश्विक शांति और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए दुनिया किसी भी तरह के उकसावे के खिलाफ खड़ी है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न सरकारी बयानों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया फीड पर आधारित है। यह केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक अपडेट के लिए संबंधित विदेश मंत्रालयों की आधिकारिक वेबसाइटों का संदर्भ लें।
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