आंगनबाड़ी के बच्चों को मिलेगा 'न्यूट्री पुलाव': उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया स्वाद परीक्षण और दिए सुधार के निर्देश
जयपुर: राजस्थान की उप मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार को और अधिक स्वादिष्ट एवं पौष्टिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने विभाग द्वारा प्रस्तावित 'न्यूट्री पुलाव प्रीमिक्स' का न केवल निरीक्षण किया, बल्कि स्वयं इसे चखकर इसकी गुणवत्ता का स्वाद परीक्षण (Taste Test) भी किया।
'उपमा' की जगह लेगा 'न्यूट्री पुलाव'
वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों को हॉट कुक्ड मील (HCM) के रूप में 'उपमा प्रीमिक्स' दिया जाता है। विभाग द्वारा तैयार किए गए नए 'न्यूट्री पुलाव प्रीमिक्स' के सैंपल के स्वाद परीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री ने इसे बच्चों की पसंद और राजस्थान की पृष्ठभूमि के अनुकूल बताया। उन्होंने माना कि यह नया विकल्प बच्चों को अधिक पसंद आएगा।
संतुष्टि व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री ने आईसीडीएस (ICDS) निदेशालय को निर्देश दिए कि इस न्यूट्री पुलाव को बच्चों के आहार में शामिल करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
नाश्ते में भी बदलाव की तैयारी
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कॉन्फेड (CONFED) को निर्देशित किया कि वर्तमान में नाश्ते के रूप में दिए जा रहे 'मुरमुरे' के स्थान पर कोई अन्य बेहतर और पौष्टिक विकल्प तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव वर्तमान दरों (existing rates) के दायरे में ही किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी बजट पर अतिरिक्त भार न पड़े।
गुणवत्ता और पोषण पर जोर
सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों को घर जैसे स्वादिष्ट और उच्च पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराना है। इस निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह पहल राज्य में कुपोषण को दूर करने और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा देने की सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख विभागीय प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक सूचना पर आधारित है। इसे जनहित और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। पोषाहार से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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