आज का पंचांग (13 मई 2026): अपरा एकादशी और भद्रकाली जयंती; जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष योग
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें समय की शुद्धि और ग्रहों की स्थिति के अनुसार कार्यों को नियोजित करने में मदद करता है। आज बुधवार का दिन 'बुध' ग्रह को समर्पित है, जो बुद्धि और व्यापार के कारक हैं। आज एकादशी तिथि होने के कारण भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है।
आज के मुख्य पंचांग विवरण (13 मई 2026)
| तत्व | विवरण | समय (लगभग) |
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | दोपहर 01:30 बजे तक (इसके बाद द्वादशी) |
| नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद | रात्रि 12:17 बजे तक |
| योग | विष्कम्भ | रात्रि 08:54 बजे तक |
| करण | बालव / कौलव | दोपहर 01:30 बजे तक |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष | - |
| मास | ज्येष्ठ | - |
सूर्य और चंद्रोदय का समय (स्थान: दिल्ली/उत्तर भारत)
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सूर्योदय: सुबह 05:33 AM
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सूर्यास्त: शाम 07:03 PM
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चंद्रोदय: रात्रि 02:53 AM (14 मई)
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चंद्रास्त: दोपहर 03:26 PM
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ऋतु: ग्रीष्म (Grishma)
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अयन: उत्तरायण
मुहूर्त चक्र: कब करें शुभ कार्य और कब बचें?
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, जबकि अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त में किए गए कार्य सफल होते हैं।
शुभ समय (Auspicious Timing):
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:14 AM से 05:02 AM (अध्यात्म और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ)
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अमृत काल: शाम 07:19 PM से 08:51 PM तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 PM से 03:27 PM तक
अशुभ समय (Inauspicious Timing - टालें):
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राहुकाल: दोपहर 12:23 PM से 02:02 PM तक (इस दौरान नया कार्य शुरू न करें)
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यमगंड: सुबह 07:28 AM से 09:07 AM तक
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गुलिक काल: सुबह 10:45 AM से 12:23 PM तक
आज का विशेष महत्व
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अपरा एकादशी: इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को ज्ञात-अज्ञात पापों से मुक्ति मिलती है।
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भद्रकाली जयंती: आज के दिन मां भद्रकाली की पूजा शक्ति और सुरक्षा के लिए की जाती है।
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बुधवार का संयोग: एकादशी और बुधवार का मेल व्यापारिक सौदों और कागजी कार्यवाही के लिए शुभ फलदायी हो सकता है (राहुकाल छोड़कर)।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह पंचांग विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं और विश्वसनीय पंचांग स्रोतों पर आधारित है। स्थान भेद के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त और तिथियों के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी बड़े मांगलिक कार्य या अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पंडित या प्रमाणित ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
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