राजस्थान

भीषण गर्मी में बेजुबानों के लिए सहारा बना सहकारिता विभाग: ‘परिंडा बांधो अभियान’ का आगाज

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 20 May 2026 👁️ 7 Views ⏳ 1 Min Read
भीषण गर्मी में बेजुबानों के लिए सहारा बना सहकारिता विभाग: ‘परिंडा बांधो अभियान’ का आगाज

जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सहकारिता विभाग ने एक अत्यंत मानवीय और संवेदनशील पहल की है। विभाग ने बेजुबान पशु-पक्षियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी ‘परिंडा बांधो अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान का शुभारंभ सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने जयपुर स्थित अपेक्स बैंक परिसर में परिंडे बांधकर किया।

विभाग के विस्तृत नेटवर्क से जन-आंदोलन की तैयारी

सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, डॉ. समित शर्मा ने शासन सचिवालय और नेहरू सहकार भवन में अभियान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि विभाग अपने विशाल नेटवर्क का उपयोग कर इसे एक ‘जन-आंदोलन’ का स्वरूप देगा।

अभियान की मुख्य विशेषताएं:

  • व्यापक पहुंच: राज्यभर में स्थित सहकारी बैंक शाखाओं, केवीएसएस (KVSS) और ग्राम सेवा सहकारी समितियों के परिसरों में मिट्टी के परिंडे और जल पात्र लगाए जाएंगे।

  • नियमित देखरेख: अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जल पात्रों की प्रतिदिन सफाई की जाए और उनमें ताजा पेयजल भरा जाए ताकि जलजनित बीमारियों और मच्छरों के पनपने का खतरा न रहे।

  • आहार की व्यवस्था: जल के साथ-साथ पक्षियों के लिए नियमित रूप से चुग्गे (दाना) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

समाज के हर वर्ग की भागीदारी

विभाग ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से इस पुनीत कार्य में जुड़ने का आह्वान किया है। शासन सचिव ने कहा कि भारतीय संविधान और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं हमें जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाती हैं। यह पहल केवल पशु-पक्षियों को पानी पिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में करुणा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का एक प्रयास है।

कार्यालयों में आने वाले आगंतुकों को भी राहत

इस अभियान के साथ ही, विभाग ने अपने अधीन संचालित सभी कार्यालयों और सहकारी समितियों को आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए:

  • कार्यालयों में आने वाले किसानों, उपभोक्ताओं और आमजन के लिए स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है।

  • सभी परिसरों में छायादार विश्राम स्थल और बैठने के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग का मानना है कि विभागीय कार्यों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का पालन करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का प्राथमिक कर्तव्य है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख विभाग की आधिकारिक सूचना और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।

अंग्रेजी में समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com

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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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