राजस्थान

जयपुर में मुख्य सचिव का बड़ा दौरा: भामाशाह टेक्नो हब बनेगा 'विकसित राजस्थान@2047' का आधार; स्टार्टअप्स को मिल रहा अत्याधुनिक मंच

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 16 May 2026 👁️ 15 Views ⏳ 1 Min Read
जयपुर में मुख्य सचिव का बड़ा दौरा: भामाशाह टेक्नो हब बनेगा 'विकसित राजस्थान@2047' का आधार; स्टार्टअप्स को मिल रहा अत्याधुनिक मंच

जयपुर | 16 मई 2026

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'विकसित राजस्थान@2047' के विजन को साकार करने में तकनीक और नवाचार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार, 16 मई 2026 को झालाना (जयपुर) स्थित देश के अग्रणी स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर 'भामाशाह टेक्नो हब' का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने वहां कार्यरत युवा आंत्रप्रेन्योर्स, इनक्यूबेशन सेंटर की कार्यप्रणाली और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित तकनीकी नवाचारों का बारीकी से अवलोकन किया।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है टेक्नो हब: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने टेक्नो हब परिसर में स्टार्टअप्स को दी जा रही अंतरराष्ट्रीय स्तर की बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध आधुनिक सिटिंग स्पेस, अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब, कॉन्फ्रेंस हॉल, जिम, कैफेटेरिया और वर्किंग ऑवर्स के दौरान युवाओं की सुविधा के लिए बनाए गए विशेष 'स्लीपिंग पॉड्स' की सराहना की। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार उत्कृष्ट गवर्नेंस और नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म्स के जरिए राजस्थान को देश का अग्रणी डिजिटल राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आईस्टार्ट (iStart) मॉडल बना रहा है आत्मनिर्भर राजस्थान

मुख्य सचिव ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के 'आईस्टार्ट' कार्यक्रम को एक क्रांतिकारी और सफल मॉडल बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • अब स्टार्टअप्स को केवल शुरुआत तक सीमित न रखकर उन्हें क्यूरेट कर अगले स्तर (Scale-up) पर ले जाया जाए ताकि वे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन कर सकें।

  • प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ जुड़ाव बढ़ाया जाए और STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) शिक्षा को जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।

  • विभिन्न सरकारी विभागों के साथ स्टार्टअप्स का सीधा लिंकेज स्थापित किया जाए ताकि वे प्रशासनिक चुनौतियों का डिजिटल समाधान निकाल सकें।

प्रमुख स्टार्टअप्स के यूनिक आइडियाज को सराहा

दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने कई उभरते हुए स्टार्टअप्स के संस्थापकों से सीधा संवाद किया और उनकी तकनीकों का अनुभव लिया:

  • ट्रांसपोर्ट व सस्टेनेबिलिटी: उन्होंने परिवहन आधारित Office Glider, सस्टेनेबल फैशन क्षेत्र के CoasterBox और परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर केंद्रित Intent Metric से उनकी कार्यप्रणाली जानी।

  • वर्चुअल रियलिटी (VR): एवीजीसी इनक्यूबेशन लैब में VYUGXR स्टार्टअप द्वारा विकसित चश्मे पर आधारित अनूठी डिस्प्ले तकनीक (Spectacles-based unique display tech) का खुद अनुभव किया।

  • ओपन इंटरेक्शन: एक विशेष संवाद सत्र में उन्होंने Career Mitra (एडुटेक), Femease (महिला हेल्थटेक), Swachh (वेस्ट मैनेजमेंट) और Kingdom of Chess (स्पोर्ट्सटेक) के प्रतिनिधियों से उनकी चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की। इसके साथ ही टिंकरिंग लैब में 3-डी प्रिंटिंग का अवलोकन कर आरकेसीएल के विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

8 हजार से अधिक स्टार्टअप्स के साथ मजबूत हुआ संस्थागत ढांचा

इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि आईस्टार्ट कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को सही मेंटरशिप, फंडिंग गाइडेंस और नेटवर्किंग के अवसर मिल रहे हैं, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि को नई गति मिल रही है।

वहीं, विभाग के विशिष्ट सचिव एवं आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम की तकनीकी रीच की जानकारी देते हुए बताया कि आईस्टार्ट वर्तमान में एक मजबूत 'हब एंड स्पोक' मॉडल पर काम कर रहा है। इसके अंतर्गत अब तक 8,000 से अधिक स्टार्टअप्स और 9 आईस्टार्ट नेस्ट (iStart Nest) जुड़ चुके हैं, जबकि जिला स्तर तक लॉन्चपैड के माध्यम से इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा चुकी है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 16 मई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और मुख्य सचिव के दौरे के आधिकारिक विवरण पर आधारित है। स्टार्टअप्स की नीतियों, आईस्टार्ट प्रोग्राम के नियमों या सरकारी फंडिंग से जुड़ी आधिकारिक व नवीनतम जानकारी के लिए विभाग के अधिकृत वेब पोर्टल (istart.rajasthan.gov.in) पर जाएं।

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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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