BSP में लगातार कार्रवाई, कई नेताओं का निष्कासन और सोशल मीडिया पर बहस
अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में BSP के विभिन्न जिला कार्यालयों द्वारा जारी प्रेस नोट्स में कई नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया गया। इन फैसलों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद
गाजियाबाद से जारी प्रेस विज्ञप्ति (24 अप्रैल 2026) में जयप्रकाश सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
पार्टी के अनुसार, वे पहले भी निष्कासित हो चुके थे और माफी मांगने के बाद दोबारा मौका दिया गया था, लेकिन उनकी गतिविधियों में सुधार नहीं हुआ।
बुलंदशहर
25 अप्रैल 2026 को बुलंदशहर इकाई ने पूर्व MLC धर्मवीर सिंह अशोक पर कार्रवाई की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि वे लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे और कई चेतावनियों के बावजूद नहीं सुधरे।
सहारनपुर
23 अप्रैल 2026 को सहारनपुर से जारी नोटिस में हाजी सरफराज राइन को अनुशासनहीनता के कारण निष्कासित किया गया।
पार्टी ने इसे संगठन और मूवमेंट के हित में जरूरी कदम बताया।
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
इन कार्रवाइयों के बाद X पर अलग-अलग यूजर्स ने अपनी राय खुलकर रखी है।
Jeetu Rajoriya का बयान
एक यूजर जीतू राजोरिया ने लिखा कि जयप्रकाश सिंह के निष्कासन के बाद उनके “परम गुरु” धर्मवीर सिंह अशोक को भी पार्टी से बाहर किया गया।
उन्होंने दावा किया कि गुजरात में इनके कामकाज को लेकर कार्यकर्ताओं में पहले से नाराजगी थी और अब इस कार्रवाई से उन्हें खुशी हुई है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अभी और भी निष्कासन हो सकते हैं।
जयप्रकाश सिंह के निष्कासन के बाद उनके परम गुरु धर्मवीर सिंह अशोक को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
— Jitu Rajoriya (@jitu_rajoriya) April 25, 2026
इनकी गुजरात में खूब मनमानी हुई थी जिसके चलते वहाँ के कार्यकर्ता भी दुखी थे और मुझे गुजरात के कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया भी था लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था जब मैंने इन पर कुछ था… pic.twitter.com/M6eyJz6PcM
Sony Madhukar की प्रतिक्रिया
यूजर सोनी मधुकर ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व MLC को पार्टी से निकाल दिया गया है और एक सूची में करीब 20 नाम होने की बात भी सामने आई थी।
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि अब पार्टी में नेतृत्व सीमित लोगों तक सिमटता दिख रहा है।
कल मायावती ने बीएसपी के पूर्व राष्ट्रिय उपाध्यक्ष तथा आज धर्म सिंह अशोक पूर्व एमएलसी को पार्टी से निकाल दीया गया। कल किसी ने बीएसपी से निष्कासन की लिस्ट भी डाली थी उसमे 20 नाम लगभग था। अब लगता है बीएसपी में केवल सतीश मिश्रा और #मायावती ही पार्टी चलाएगी। pic.twitter.com/1OZGux0KSW
— Soni Madhukar (@MadhukarS1988) April 25, 2026
Ravi Arya की लंबी टिप्पणी
एक अन्य यूजर रवि आर्य ने जयप्रकाश सिंह को लेकर विस्तृत टिप्पणी करते हुए लिखा कि वे कभी पार्टी में बेहद ऊंचे पद पर थे, लेकिन कथित तौर पर अनुशासनहीनता और गतिविधियों के कारण उन्हें बाहर किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले मौका दिया गया था, यहां तक कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई, लेकिन वे उस पर खरे नहीं उतरे।
हालांकि, अपनी टिप्पणी के अंत में उन्होंने उनकी वापसी की इच्छा भी जताई।
जयप्रकाश सिंह बसपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इतना बड़ा पद बहन जी के बाद दूसरे नंबर के नेता लेकिन फिर भी इन्होंने पार्टी से गद्दारी कर दी तब जाकर इनको निकाल दिया गया था,
— Ravi Arya (@raviadi7793) April 24, 2026
फिर बहुत कोशिश किया सफल होने की इधर-उधर जाने की लेकिन इन्होंने देख लिया कि जो हाल स्वामी प्रसाद मौर्य का… pic.twitter.com/G0F40xApPi
क्या संकेत देता है यह घटनाक्रम?
इन सभी घटनाओं और प्रतिक्रियाओं से कुछ बड़े संकेत निकलते हैं:
- BSP संगठन में अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है
- बड़े पदों पर रहे नेताओं पर भी कार्रवाई से परहेज नहीं
- पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजर
- सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच मतभेद और खुली बहस
निष्कर्ष
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि बहुजन समाज पार्टी अपने संगठन को लेकर सख्ती बरत रही है। वहीं, X पर आ रही प्रतिक्रियाएं यह भी दिखाती हैं कि पार्टी के फैसलों को लेकर समर्थकों के बीच अलग-अलग राय मौजूद है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कार्रवाई यहीं रुकती है या संगठन के अंदर और भी बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।
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