बहुजन समाज पार्टी (BSP) बुलंदशहर का फर्जी प्रेस नोट वायरल, मायावती ने बताया फेक
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि बुलंदशहर जिला से श्री मेवालाल गौतम, श्री मुनकाद अली और श्री नौशाद अली को पार्टी से निष्कासित करने वाला प्रेस विज्ञप्ति पूरी तरह फर्जी और जाली है।क्या है मामला?
- एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें BSP बुलंदशहर जिला कार्यालय (रवीन्द्र प्रधान, जिलाध्यक्ष) की तरफ से 25 अप्रैल 2026 को जारी बताया गया है।
- इसमें दावा किया गया है कि तीनों नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
- पत्र पर BSP का लोगो, हस्ताक्षर और तारीख (25.04.2026) मौजूद है, जिससे कई मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स इसे असली मान रहे थे।
“...आज ही बाद में पार्टी के तीन वरिष्ठ लोगों - श्री मेवालाल गौतम, श्री मुनकाद अली व श्री नौशाद अली - को पार्टी से निष्कासित करने वाला बी.एस.पी. अध्यक्ष, जिला बुलन्दशहर के जाली लेटरपैड पर जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फेक व फ़र्ज़ी है। इसीलिये उस पर क़तई ध्यान नहीं दिया जाये। मीडिया भी ऐसे तथ्यहीन ख़बरों से बचे तथा आगे ऐसे फेक ख़बरों पर ज़रूरी सावधानी बरते...”
उन्होंने कहा कि बुलंदशहर और गाजियाबाद से कुछ अन्य निष्कासन (जैसे धर्मवीर सिंह अशोक) की खबरें सही हो सकती हैं, लेकिन इन तीनों नेताओं वाला पत्र जाली है।तथ्य चेक:जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला ग़ाज़ियाबाद द्वारा कल श्री जय प्रकाश सिंह को तथा बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला बुलन्दशहर द्वारा आज श्री धर्मवीर सिंह अशोक, पूर्व विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसकी काफी चर्चा…
— Mayawati (@Mayawati) April 25, 2026
- वायरल पत्र पर FAKE NEWS और FACT-CHECKED स्टैंप लगे संस्करण भी सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं।
- मायावती ने सलाह दी है कि ऐसी खबरों पर पुष्टि/सत्यापन जरूर करें, खासकर आधिकारिक BSP चैनलों से।
सलाह:
- मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स को सतर्क रहना चाहिए। BSP जैसे संगठनों में जाली लेटरहेड पर फेक प्रेस नोट जारी करना आम तरीका बन गया है।
- असली खबर के लिए मायावती या BSP के आधिकारिक X अकाउंट (
@Mayawati) और आधिकारिक वेबसाइट/कार्यालय की पुष्टि जरूरी है।
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