Anubhav Sinha का दोटूक फैसला: 'मैं अपनी फिल्में सीधे OTT पर कभी नहीं रिलीज करूंगा'; सिनेमाघरों को बताया प्राथमिकता
बॉलीवुड के चर्चित फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने फिल्म वितरण के आधुनिक तरीकों के बीच एक पारंपरिक लेकिन मजबूत स्टैंड लिया है। एक हालिया बातचीत में सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी फिल्मों को सीधे डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के विचार के सख्त खिलाफ हैं। उनकी पिछली फिल्म 'अस्सी' (Assi) के बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने के बावजूद, डिजिटल प्रीमियर पर मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स ने उनके इस विश्वास को और मजबूत किया है।
"कोई मुझे OTT की सलाह नहीं देता"
जब उनसे पूछा गया कि क्या 'अस्सी' जैसी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म के लिए उन्हें कभी सीधे ओटीटी पर जाने का सुझाव मिला, तो उन्होंने कहा:
"मुझसे कोई ऐसी बात नहीं करता क्योंकि अब यह पूरी तरह स्थापित हो चुका है कि मैं अपनी फिल्म सीधे ओटीटी पर नहीं ले जाऊंगा। मेरी फिल्में हमेशा पहले सिनेमाघरों (Theaters) के लिए ही होती हैं।"
कम बजट और कंटेंट की ताकत
सिन्हा ने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्मों की सफलता केवल बॉक्स ऑफिस नंबरों से तय नहीं होती। उन्होंने 'आर्टिकल 15' (2019) का उदाहरण देते हुए समझाया कि 'दस' (2005) जैसी कमर्शियल थ्रिलर के मुकाबले एक सोशल थ्रिलर बनाना स्टूडियो के लिए अधिक आकर्षक हो सकता है यदि उसका बजट सही तरीके से प्रबंधित किया जाए।
उनके अनुसार:
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बजट का प्रबंधन: 'आर्टिकल 15' जैसी फिल्मों को कम पैसों में बनाया जा सकता है क्योंकि वे अपनी कहानी और आवाज (Unique Voice) के दम पर नई जमीन तलाशती हैं।
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स्टूडियो का सम्मान: सिन्हा का मानना है कि जब आप कुछ मौलिक और सार्थक बनाते हैं, तो बड़े स्टूडियो भी आपके काम को सम्मान की नजर से देखते हैं, भले ही वह पहली नजर में रिस्की लगे।
'अस्सी' का डिजिटल सफर
तापसी पन्नू स्टारर फिल्म 'अस्सी' का डिजिटल प्रीमियर पिछले महीने Zee5 पर हुआ था। फिल्म को थिएटर में कम दर्शक मिले थे, लेकिन ओटीटी पर इसे दर्शकों और समीक्षकों की खूब सराहना मिल रही है। अनुभव सिन्हा इसे अपनी जीत मानते हैं कि फिल्म को अंततः वह दर्शक मिल गए जिनकी उसे तलाश थी, लेकिन वे अपनी 'थिएटर फर्स्ट' नीति पर अडिग रहेंगे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट अनुभव सिन्हा के हालिया साक्षात्कारों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। फिल्म निर्माण और वितरण संबंधी निर्णय संबंधित प्रोडक्शन हाउस और निर्देशक के विवेकाधीन होते हैं।
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