राजस्थान

मानवता की मिसाल: 309 भामाशाहों ने विधवा मनीषा मीना को सौंपे 1,87,120 रुपये की सहायता राशि

By जीतेन्द्र मीना 🕒 06 Jun 2025 👁️ 118 Views ⏳ 1 Min Read
मानवता की मिसाल: 309 भामाशाहों ने विधवा मनीषा मीना को सौंपे 1,87,120 रुपये की सहायता राशि

राजस्थान के करौली जिले के करणपुर कस्बे की कैमोखरी ग्राम पंचायत में मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए क्षेत्र के 309 भामाशाहों और युवाओं ने एक विधवा महिला की मदद के लिए एकजुट होकर 1,87,120 रुपये की आर्थिक सहायता एकत्र की। यह सहायता पीड़िता मनीषा मीना को 5 जून 2025 को उसके घर जाकर ससम्मान सौंपी गई।

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कैंसर से हुई पति की मृत्यु, बेसहारा रह गई मनीषा और उसके तीन बच्चे

कैमोखरी निवासी रामप्रेम मीना (अध्यक्ष एवं संस्थापक, एग्री ब्लड फाउंडेशन टीम) ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 अप्रैल 2025 को गांव के निवासी सुरेश मीना का लंबी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। सुरेश पिछले दो वर्षों से इलाजरत थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके पास केवल आधा बीघा जमीन थी और आय का अन्य कोई साधन नहीं था।

सुरेश की पत्नी मनीषा मीना पर अब तीन बच्चों की जिम्मेदारी आ पड़ी — बेटी कोमल (12 वर्ष), बेटा आकाश (10 वर्ष) और सबसे छोटा विकाश (8 वर्ष)। पति की मृत्यु के बाद मनीषा के सामने बच्चों की परवरिश और आजीविका एक बड़ा संकट बन गया।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ “सहायता मिशन”

रामप्रेम मीना ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए "सहायता मिशन" की शुरुआत की। उन्होंने गांव के युवाओं, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को जोड़ते हुए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से सहयोग की अपील की। देखते ही देखते यह मुहिम एक जनआंदोलन बन गई।

सिर्फ 15 दिनों में 309 भामाशाहों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया और कुल 1,87,120 रुपये की राशि एकत्र की गई।

घर जाकर सौंपे सहायता राशि, भावुक हुआ माहौल

दिनांक 5 जून 2025 को सभी सहयोगकर्ताओं की उपस्थिति में पीड़िता मनीषा मीना को यह राशि उनके घर जाकर सौंपी गई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। मनीषा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके बच्चों के भविष्य को एक नई दिशा देगा।

इन महानुभावों की रही मुख्य भूमिका

इस पुनीत कार्य में निम्न प्रमुख लोग उपस्थित रहे:

  • कमलेश घुनावत (कसेड)

  • डॉ. दुर्गेश मीना (कसेड)

  • गिर्राज मीना (कैमोखरी)

  • हरिप्रसाद (अध्यापक, मानकी)

  • रामनाथ (कसेड)

  • जीतू मीना (कसेड)

  • ठंडी मीना (कसेड)

  • नथुआ, हरिचरण (कैमोखरी)

  • युवा टीम कैमोखरी

  • एग्री ब्लड फाउंडेशन टीम के सदस्य

  • सभी ग्रामवासी

संवेदनशीलता और समाज सेवा की प्रेरणा

यह उदाहरण दर्शाता है कि अगर समाज संगठित होकर एकजुटता दिखाए, तो किसी भी जरूरतमंद को अकेला नहीं छोड़ा जाता। यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि भावनात्मक सहारा भी है जो मनीषा और उनके बच्चों के लिए नया संबल बनकर उभरा है।

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Author

जीतेन्द्र मीना

Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ).

Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in

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