राजस्थान

कैलादेवी अभयारण्य में बाघिन टी-135 ने दो शावकों को दिया जन्म, वन विभाग सतर्क

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 11 Jun 2025 👁️ 30 Views ⏳ 1 Min Read
कैलादेवी अभयारण्य में बाघिन टी-135 ने दो शावकों को दिया जन्म, वन विभाग सतर्क

करौली जिले के कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य में बाघिन टी-135 ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। सपोटरा वन क्षेत्र की नैनियाकी रेंज में वन विभाग के कैमरा ट्रैप में बाघिन को दोनों शावकों के साथ देखा गया है, जिससे क्षेत्र में वन्यजीवों की समृद्धि के संकेत मिले हैं।

कैला देवी टाइगर अभयारण्य के उपवन संरक्षक पीयूष शर्मा ने जानकारी दी कि बाघिन और उसके शावकों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और गश्ती दलों की संख्या भी बढ़ाई गई है। वन विभाग की टीम बाघिन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है।

गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में मंडरायल वन क्षेत्र में बाघिन टी-2303 ने भी दो शावकों को जन्म दिया था। कैलादेवी अभयारण्य रणथंभौर टाइगर रिजर्व का द्वितीय क्षेत्र है और यहां बाघों की नियमित आवाजाही होती है। यह चौथी बार है जब किसी बाघिन ने इस अभयारण्य में शावकों को जन्म दिया है, जो बाघों के संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत है।

🏷️ Tags: #
Author

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Comments (0)

Leave a Reply