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इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की धमकी: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या से ही संघर्ष समाप्त होगा

By जीतेन्द्र मीना 🕒 16 Jun 2025 👁️ 69 Views ⏳ 1 Min Read
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की धमकी: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या से ही संघर्ष समाप्त होगा

Iran Israel War Updates : इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक साक्षात्कार में कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से ही दोनों देशों के बीच चल रहा संघर्ष समाप्त हो सकता है। उन्होंने खामेनेई की तुलना "आधुनिक हिटलर" से की और कहा कि उनका शासन वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि ईरान ने पहले उनकी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या करने की कोशिश की थी, जिसमें एक ड्रोन हमले का भी उल्लेख किया। 

इस बयान के बाद, इज़राइल ने ईरान के सैन्य, परमाणु और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर व्यापक हवाई हमले किए, जिसमें कई प्रमुख सैन्य और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इसके जवाब में, ईरान ने इज़राइल के विभिन्न शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। तेहरान से हजारों नागरिकों के पलायन की खबरें भी आ रही हैं। 

मीडिया संस्थानों पर हमला - 

इज़रायल और ईरान के बीच टकराव ने एक नया मोड़ ले लिया है। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल कैट्ज ने पुष्टि की है कि इज़रायली रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के प्रचार और भड़काऊ मीडिया संस्थानों पर एक सटीक और योजनाबद्ध सैन्य हमला किया है।

इज़रायल कैट्ज ने एक आधिकारिक बयान में कहा-

“यह हमला उस स्थिति में किया गया जब क्षेत्र में ईरानी तानाशाही शासन के कारण हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए। हमने उन संस्थानों को निशाना बनाया जो झूठा प्रचार और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। हम ईरानी तानाशाह पर हर जगह और हर समय हमला करेंगे।”

 हमला किस पर किया गया?

इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB)" जैसे सरकारी नियंत्रण वाले मीडिया नेटवर्क के तकनीकी केंद्रों, ट्रांसमिशन टावरों और स्टूडियो परिसरों को निशाना बनाया गया। ये संस्थान वर्षों से ईरानी शासन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहे थे, जिन्हें इज़रायल "नफरत फैलाने वाली मशीनरी" मानता है।

हमला क्यों किया गया?

रक्षा मंत्री के अनुसार, यह हमला दो प्रमुख कारणों से किया गया:

  1. प्रचार की शक्ति को खत्म करना – इज़रायल मानता है कि ईरानी मीडिया संस्थान पूरे क्षेत्र में कट्टरता, झूठे तथ्य और हिंसक भड़काव फैला रहे हैं।
  2. नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना – हाल ही में ईरान की ओर से मिसाइल हमलों के बाद इज़रायली सीमावर्ती इलाकों से कई नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया कूटनीतिक प्रयास - 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया है, जबकि नेतन्याहू ने ईरान की कूटनीतिक इच्छाशक्ति पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं और क्षेत्रीय अस्थिरता वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का कारण बन रही हैं।

यह संघर्ष न केवल इज़राइल और ईरान, बल्कि समूचे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति के लिए गंभीर परिणामों का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष के और बढ़ने से क्षेत्रीय युद्ध का खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और कूटनीतिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं।

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Author

जीतेन्द्र मीना

Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ).

Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in

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