मुजफ्फरपुर: बदमाशों ने महिला शिक्षक को मारी गोली, भाई की आंखों के सामने हुई बेरहमी
Bihar Crime News : मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी इलाके में एक ऐसी वारदात ने सबको सिहरा दिया है। तरौरा नहर पुल के पास मंगलवार की शाम को एक महिला शिक्षिका को अज्ञात बदमाशों ने पीठ में गोली मार दी। हमला इतना सटीक था कि मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। यह घटना तब घटी जब वह अपनी रोजमर्रा की तरह ड्यूटी निपटाकर भाई के साथ घर लौट रही थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन हत्यारों का सुराग अभी तक नहीं मिला है।
भाई के साथ लौटते वक्त हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतका कोमल और उनका छोटा भाई आदित्य कोचिंग क्लास खत्म कर बाइक पर सवार होकर घर की ओर बढ़े थे। जैसे ही वे भटौलिया के तरौरा नहर पुल के पास पहुंचे, पीछे से आई एक बाइक पर सवार संदिग्ध ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे कोमल की पीठ में लगी, जिससे वे सड़क पर लुढ़क पड़ीं। चीख-पुकार मच गई, लेकिन हमलावर मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।
आदित्य ने फौरन बहन को संभाला और आसपास के लोगों की मदद से उन्हें नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि हमला पहले से प्लान्ड लगता है, क्योंकि बदमाश ने बिना रुके फायरिंग की और फरार हो गया।
कोमल: परिवार की उम्मीद, बच्चों की गुरु
कोमल मुजफ्फरपुर शहर की एक नामी निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ाती थीं। 30 साल की उम्र में वे न सिर्फ पढ़ाई में माहिर थीं, बल्कि परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाती थीं। रोज शाम कोचिंग से लौटना उनका रूटीन था, और भाई आदित्य हमेशा साथ रहते। परिजनों के अनुसार, कोमल बेहद मेहनती और समर्पित थीं—बच्चों को पढ़ाने में उनकी लगन काबिले-तारीफ थी। उनकी मौत ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा है, बल्कि इलाके के शिक्षा जगत में भी शोक की लहर दौड़ा दी है।
मौके पर पहुंची मुशहरी थाने की टीम ने सीन रिकंस्ट्रक्शन किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसपी के बयान में कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। हत्या का मकसद अभी साफ नहीं है—क्या पुरानी दुश्मनी, या कोई और वजह? पुलिस ने हत्यारों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया है, लेकिन ग्रामीणों में असुरक्षा का भाव हावी है।
परिवार में सन्नाटा: 'वो कभी नहीं लौटेंगी'
कोमल के घर में मातम पसर गया है। मां-बाप और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक परिजन ने बताया, "रोज शाम कोमल हंसती-मुस्कुराती लौटती थीं, आज खालीपन ही सताता है।" पूरा मोहल्ला सदमे में है, और सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी बेरहमी कब थमेगी। कोमल की यादें ही अब परिवार की ताकत बनेंगी, लेकिन न्याय की आस बाकी है।
यह घटना बिहार के अपराधी तत्वों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।
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