एलओसी फेंसिंग प्रोजेक्ट पर विवाद: अधिकारी ने कर्नल को मारा, सैनिकों ने दी प्रतिक्रिया
सरकारी अधिकारी ने एलओसी फेंसिंग पर कर्नल को मारा
12 जून 2025 को सुबह लगभग 11:45 बजे के आसपास कर्नल अंकुश चৌधरी, जो सीमा सुरक्षा के लिए एलओसी फेंसिंग प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे, संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने एक असिस्टेंट डिफेंस एस्टेट ऑफिसर (ADEO) त्रियम सिंह के ऑफिस गए थे। जब ADEO ने दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर से इंकार किया, तो बातचीत तनावपूर्ण हो गई और अधिकारी ने कथित तौर पर कर्नल चौधरी पर हमला कर दिया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सैनिकों ने कर्नल की रक्षा में तेज प्रतिक्रिया दी और ADEO की आलोचना की गई।
सैनिकों ने की कड़ा रुख़
कर्नल चौंकाने वाले इस हमले के बाद उनके सैनिकों ने सीधे प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि "कर्नल सैनिकों के लिए ईश्वर के बाद सबसे महत्वपूर्ण होते हैं" और कर्नल के साथ किसी मारपीट का प्रतिफल – "यह आग से खेलने जैसा" – हो सकता है।
सैनिकों और रिटायर्ड अफसरों ने ADEO के विरोध तथा उनके व्यवहार पर चिंता व्यक्त की, और इसे सैन्य परियोजनाओं में बाधा माना गया।
विवाद की व्यापक परिणति
भ्रष्टाचार का आरोप भी सामने आया — आरोप है कि एक वरिष्ठ सरकारी कार्यालय (Defense Estate Office) अक्सर बड़े सैन्य प्रोजेक्टों को मंजूरी देने में अड़चनें खड़ी करता है जब तक रिश्वत की मांग पूरी नहीं हो जाती। यह घटना उस प्रणालीगत समस्या की रोकथाम का उदाहरण मानी जा रही है।
अब आगे क्या हों?
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सरकार और सेना द्वारा मामले की विस्तार से जांच की संभावना है।
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ADEO पर कार्रवाई और कर्नल चौंकि की सुरक्षा के लिए संसदीय स्तर पर पूछताछ हो सकती है।
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यह घटना सैनिकों–सरकारी अधिकारियों के बीच संबंधों पर नए सवाल खड़े कर रही है।
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