राजस्थान

वित्तीय प्रबंधन में AI का उपयोग: राजस्थान में खुलेगी नई ICAS एकेडमी; PFMS-IFMS को अधिक सरल बनाएगी सरकार

By भूपेन्द्र सिंह सोनवाल 🕒 12 May 2026 👁️ 5 Views ⏳ 1 Min Read
वित्तीय प्रबंधन में AI का उपयोग: राजस्थान में खुलेगी नई ICAS एकेडमी; PFMS-IFMS को अधिक सरल बनाएगी सरकार

जयपुर | 12 मई, 2026

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्र सरकार की महालेखा नियंत्रक (CGA) श्रीमती टीसीए कल्याणी के साथ राज्य के वित्तीय प्रबंधन तंत्र को लेकर एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य फोकस तकनीक के माध्यम से वित्तीय पारदर्शिता और कार्यक्षमता को बढ़ाना रहा।

प्रमुख घोषणाएं और निर्णय

  1. AI आधारित डैशबोर्ड: राज्य सरकार की योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष एआई डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड निर्णय प्रक्रिया को तेज करेगा और वित्तीय विसंगतियों को कम करेगा।

  2. जयपुर में ICAS एकेडमी: मुख्य सचिव ने घोषणा की कि जयपुर में इंडियन सिविल अकाउण्ट्स सर्विस (ICAS) एकेडमी स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि का चयन किया जाएगा। इससे प्रदेश के शैक्षणिक और प्रशासनिक गौरव में वृद्धि होगी।

  3. क्षमता निर्माण: जिला कोषाधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि वे आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के साथ तालमेल बिठा सकें।

SNA SPARSH: योजनाओं का एकीकरण

मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान में वित्तीय प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए 'SNA SPARSH' के अंतर्गत:

  • 70 केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं (CSS) और

  • 160 राज्य स्तरीय योजनाएं शामिल की जा चुकी हैं।

PFMS: देश की वित्तीय जीवन रेखा

महालेखा नियंत्रक श्रीमती टीसीए कल्याणी ने PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया:

  • लेन-देन का पैमाना: पिछले वित्तीय वर्ष में इस प्रणाली के जरिए 327 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन हुए।

  • DBT का आधार: 1100 से अधिक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाएं और 35 लाख एजेंसियां इससे जुड़ी हैं।

  • भविष्य का विजन: आने वाले दशक में PFMS को अधिक 'उपयोगकर्ता-केंद्रित' (User-Centric) बनाया जाएगा, जिसमें बहुभाषीय सुविधा और सरल मोबाइल एक्सेस शामिल होगा।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में प्रमुख शासन सचिव (वित्त) श्री वैभव गालरिया और केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

राजस्थान द्वारा वित्तीय प्रबंधन में AI और आधुनिक तकनीकी अवसंरचना को अपनाना 'डिजिटल सुशासन' की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। जयपुर में ICAS एकेडमी की स्थापना न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल बढ़ाएगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश की पहचान मजबूत करेगी।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख राजस्थान सरकार के वित्त विभाग और शासन सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट पर आधारित है।

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भूपेन्द्र सिंह सोनवाल

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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