समाचार

शेफ संजीव कपूर: पद्म श्री लेने से पहले उनका एक अनोखा अनुरोध

By समाचार कक्ष 🕒 06 Apr 2026 👁️ 19 Views ⏳ 1 Min Read
शेफ संजीव कपूर: पद्म श्री लेने से पहले उनका एक अनोखा अनुरोध

भारतीय पाक जगत के अग्रणी चेहरा, शेफ संजीव कपूर, सिर्फ अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए ही नहीं बल्कि अपने व्यक्तित्व और सिद्धांतों के लिए भी जाने जाते हैं। 2017 में उन्हें भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री दिया गया, लेकिन इस पुरस्कार को स्वीकार करने से पहले उन्होंने एक ऐसा अनुरोध रखा, जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया।

जब पद्म श्री के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया, तो आयोजकों ने पारंपरिक समारोह की ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा। पुरस्कार वितरण समारोह में आमतौर पर सभी सम्मानित व्यक्ति रिवाज के अनुसार राष्ट्रीय परिधान या औपचारिक पोशाक पहनते हैं। लेकिन संजीव कपूर ने कहा कि वे अपने शेफ के यूनिफ़ॉर्म — खासकर अपनी शेफ कोट — में ही यह पुरस्कार स्वीकार करेंगे

उनका यह अनुरोध कोई साधारण पर्सनल प्रेफरेंस नहीं था। यह उनके जीवन, करियर और पहचान का प्रतीक था। संजीव कपूर ने वर्षों तक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पाक संस्कृति को बढ़ावा देने में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। टीवी पर लाखों दर्शकों तक उनका प्रभाव, रेस्तरां उद्योग में उनका योगदान और युवा शेफों को प्रेरित करना — सब कुछ उनके सफेद शेफ कोट के पीछे की मेहनत, जुनून और समर्पण को दर्शाता है। इसलिए उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर उन्हें अपनी पेशेवर पहचान के बिना सम्मान स्वीकार करना पड़े, तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

इस अनुरोध को सुनकर आयोजक थोड़े असमंजस में थे, क्योंकि नियमों के तहत समारोह में औपचारिक ड्रेस कोड का पालन करना होता था। लेकिन जब उन्होंने संजीव कपूर के दृष्टिकोण को समझा, तो सम्मान और पेशे की गरिमा के लिहाज से उन्होंने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।

आखिरकार, पुरस्कार समारोह के दिन संजीव कपूर ने अपनी शेफ कोट पहनकर राष्ट्रपति भवन में पद्म श्री पुरस्कार ग्रहण किया। यह सिर्फ एक पोशाक नहीं थी, बल्कि उनके पूरे करियर का, कड़ी मेहनत का और भारतीय पाक समुदाय के लिए उनके समर्पण का प्रतीक था। इस निर्णय ने न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान को बढ़ाया, बल्कि शेफ और पाक पेशे के सम्मान को भी राष्ट्रीय मंच पर एक नया गौरव दिलाया।

इस घटना ने यह संदेश दिया कि सम्मान और पहचान सिर्फ एक पुरूस्कार नहीं हैं, बल्कि उन मान्यताओं का सम्मान भी हैं, जिनके लिए व्यक्ति ने जीवन भर काम किया है। संजीव कपूर के इस कदम ने पूरे पाक समुदाय को गर्व महसूस कराया और यह दिखाया कि पेशेवर पहचान की गरिमा को सम्मान के साथ स्वीकार किया जा सकता है।

🏷️ Tags: #
Author

समाचार कक्ष

यह मिशन की आवाज का आधिकारिक समाचार कक्ष (News Desk) है। यहाँ हमारी अनुभवी संपादकीय टीम 24/7 सक्रिय रहकर देश-दुनिया की विश्वसनीय, निष्पक्ष और सटीक खबरें आप तक पहुँचाती है।

Comments (0)

Leave a Reply