अपराध

सीकर : मां ने चार मासूमों संग जहर खाकर दी जान, फ्लैट से सड़ते शवों की बदबू ने खोला राज

By जीतेन्द्र मीना 🕒 12 Oct 2025 👁️ 110 Views ⏳ 1 Min Read
सीकर : मां ने चार मासूमों संग जहर खाकर दी जान, फ्लैट से सड़ते शवों की बदबू ने खोला राज

सीकर, राजस्थान । राजस्थान के सीकर शहर में एक ऐसी घटना घटी है, जो हर किसी के दिल को चीर देगी। एक मां ने अपने चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पालवास रोड स्थित अनिरुद्ध रेजिडेंसी के एक किराए के फ्लैट में यह दर्द भरी कहानी छिपी हुई थी। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई। सड़ते शवों से उठ रही तेज दुर्गंध ने पूरे इलाके को सदमे में डुबो दिया है।

सामूहिक आत्महत्या का खौफनाक खुलासा - 

शुक्रवार सुबह बिल्डिंग के पड़ोसी परिवारों को फ्लैट नंबर 302 से तेज बदबू आने लगी। पहले तो सबने सोचा शायद कोई सामान सड़ रहा होगा, लेकिन जैसे-जैसे गंध तेज होती गई, डर का माहौल बन गया। आखिरकार, एक पड़ोसी ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची थाना प्रहलादगढ़ की टीम को अंदर घुसना ही मुश्किल हो गया। दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं। ताले में कुंडी लगी थी। टीम ने पहले अगरबत्ती और इत्र जलाकर हवा को सह लिने की कोशिश की, फिर दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए।अंदर का नजारा देखकर पुलिसवाले भी थर्रा गए।

फ्लोर पर पड़े पांच शव—मां किरण उर्फ पिंकी चौधरी और उसके चार बच्चे। तीन बेटे सुमित (12), आयुष (10), अवनीश (8) और बेटी स्नेहा (6)। सभी के मुंह से झाग निकला हुआ था और शव इतने सड़ चुके थे कि पहचानना भी मुश्किल। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह सामूहिक आत्महत्या कुछ दिनों पहले ही हुई। घटनास्थल से 10 पैकेट जहर के मिले, जिनमें से आठ खाली थे। बाकी दो अभी बरामद हुए।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब फॉरेंसिक टीम पूरी घटना की पड़ताल कर रही है।

वैवाहिक कलह की भेंट चढ़ा परिवार- 

किरण की जिंदगी संघर्षों से भरी रही। 35 साल की किरण की दो शादियां हुईं। पहली शादी 2010 में हुई, जो 2019 में तलाक के साथ खत्म हो गई। पहले पति से उसे दो बच्चे हुए—आयुष और अवनीश। तलाक के बाद किरण ने दूसरी शादी की, जिससे सुमित और स्नेहा पैदा हुए। लेकिन दूसरी शादी भी ज्यादा दिन न चली। पति से लगातार अनबन होने लगी। घरेलू झगड़े, आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव ने किरण को तोड़ दिया।

आखिरकार, वह बच्चों को लेकर तीन महीने पहले इस फ्लैट में शिफ्ट हो गई। किराया जमा करने के लिए वह छोटे-मोटे काम करती, लेकिन सब कुछ मुश्किल हो चला था। पड़ोसियों का कहना है कि किरण ज्यादातर अकेली रहती। बच्चों को स्कूल भेजती, लेकिन खुद के चेहरे पर हमेशा उदासी छाई रहती।

एक पड़ोसी ने बताया 

"वह कभी-कभी रोती हुई दिखती, लेकिन किसी से कुछ न कहती। सोशल मीडिया पर तो जैसे दूसरी ही लगती—हंसमुख, चुलबुली,"

पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन वैवाहिक विवाद ही मुख्य वजह लग रही है। पति को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

सोशल मीडिया की चमक के पीछे छिपा दर्द

किरण सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती। फेसबुक पर उसके पेज 'सीकर वाली पिंकी' के करीब 7 हजार फॉलोअर्स थे। वह छोटे-छोटे रील्स बनाती, जहां सीकर की लोकल जिंदगी, बच्चों के साथ मस्ती और हल्के-फुल्के जोक्स शेयर करती। लोग उसे पसंद करते, कमेंट्स में हंसते। लेकिन आखिरी वीडियो 29 सितंबर का था—एक साधारण सा क्लिप, जहां वह बच्चों के साथ हंस रही थी। उसके बाद खामोशी। कोई लाइव, कोई स्टोरी नहीं। शायद उस वक्त ही मन में तूफान मचा था।

यह वीडियो अब वायरल हो रहा है। लोग शेयर कर रहे, ट्रिब्यूट दे रहे। "कितना दर्द छिपा था उस हंसी के पीछे," लिखते हैं कमेंट्स में। किरण का चैनल अब भी एक्टिव दिखता है, लेकिन अब वहां सिर्फ यादें बची हैं।

एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया, "हम पूरी जांच कर रहे। परिवार के रिश्तेदारों से बात हो रही। अगर कोई लापरवाही बरतने वाला निकला, तो कार्रवाई होगी।" फिलहाल, शवों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है, जो वजहों को और साफ करेगी।

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Author

जीतेन्द्र मीना

Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ).

Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in

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