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राजस्थान

कॉविड महामारी से अनाथ हुए बालक बालिकाओं को सरकारी नौकरी देने की मांग

By पिन्टू सोनवाल 🕒 26 Sep 2023 👁️ 101 Views ⏳ 1 Min Read
कॉविड महामारी से अनाथ हुए बालक बालिकाओं को सरकारी नौकरी देने की मांग

Bharatpur: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कॉविड महामारी से अनाथ हुए परिवारों के बालक बालिकाओं को सरकारी नौकरी दिया जाना एक स्वागत योग्य कल्याणकारी कदम है। पूर्व सरपंच व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश पांडे के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री बी डी कल्ला,सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, मुख्य सचिव ऊषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रशासनिक सुधार विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से अलग-अलग मुलाकात कर ज्ञापन प्रस्तुत कर अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा अनुसार महामारी से अनाथ हुए बालक बालिकाओं ने अपनी योग्यता अनुसार आवेदन पत्र आवेदित कर दिये हैं, प्रस्तावित आवेदित आवेदन पत्र सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व प्रशासनिक सुधार विभाग में प्रक्रियाधीन लम्बित है। जिससे कि बेरोजगार अनाथ हुए बालक बालिकाओं के सरकारी नौकरी लगने में दिन देरी लंबित होने से मायूसी छाई हुई है।

वैसे तो मुख्यमंत्री ने बेहतरीन कुशल वित्तीय प्रबंध कर महंगाई व राहत शिविरों के जरिये "जय सम्मान-जय राजस्थान" के तहत अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं लागू कर सफलतम क्रियान्वयन कर प्रदेशवासियों का दिल जीत लिया है! इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना का शुभारंभ कर 125 दिन का रोजगार सृजन किया गया है। 76 लाख परिवारों को 1150 रुपये के स्थान पर 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। चिरंजीव योजना के तहत 10 लाख से 25 लख रुपए तक उपचार सुविधा व चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में ₹5 लाख के स्थान पर 10 लख रुपए कर प्रदेशवासियों का मन हर लिया है।

पांडे ने पत्र में कहा कि कोरोना महामारी, नोटबंदी, महंगाई, जीएसटी, बेरोजगारी, अप्राकृतिक आपदा ग्रस्त जनित वर्षा व तूफान आदि से पीड़ित प्रदेश की जनता को 100 यूनिट बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। 2000 यूनिट बिजली ग्रामीण कृषक उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाना मुख्यमंत्री का स्वागत योग्य कदम है। यह लोक कल्याणकारी योजना शहरी कृषक उपभोक्ताओं पर लागू किया जाना नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने आर्त, निरीह, विकलांग, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन धारकों को ₹500 के स्थान पर सामाजिक सुरक्षा के तहत ₹1000 उपलब्ध करवाया जाना लोक कल्याणकारी कदम है। मुख्यमंत्री ने महंगाई से राहत दिलवाते हुए मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में निशुल्क फूड पैकेट राशन वितरण योजना का शुभारंभ किया है। कामधेनु बीमा योजना,इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना,इंदिरा गांधी रसोई योजना जैसी लोक लुभावन जन कल्याणकारी योजनाओ का शुभारंभ कर गरीब को गणेश मानकर फ्लैगशिप योजनाओ के साथ-साथ अनेक शानदार जानदार बहुआयामी योजनाओ को सफलतम क्रियान्वयन कर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित योजनाऐं लागू की है!जिनकी समूचे प्रदेश की जनता मुक्त कंठ से भूरी भूरी प्रशंसा कर रही हैं।

ज्ञापन पर पूर्व सरपंच सतीश पांडे के अलावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अवस्थी, सुनीता प्रकाश जाटव, रमेश सैनी, दिलीप सैनी, रविंद्र सिंह गोगेरा, गंगाराम पांडे, राजू रायपुर, हरकेश योगी, झलक मदेरणा, ऋषि बदनपुरा, विनोद मोरदा, मनोज नीमली, सतीश धनिपुरा, चिरमोली सैनी, राहुल चौधरी सहित अनेक जनों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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पिन्टू सोनवाल

Pintu Sonwal A News Report Writer At Mission Ki Awaaz.

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