राजस्थान

ढाई साल बाद बाजार में घूमता मिला चोर नौकर, दंपती ने खुद पकड़ा और पुलिस को सौंपा

By राज कुमार बिजोरिया 🕒 13 Jun 2025 👁️ 19 Views ⏳ 1 Min Read
ढाई साल बाद बाजार में घूमता मिला चोर नौकर, दंपती ने खुद पकड़ा और पुलिस को सौंपा

जयपुर। राजधानी में एक चोरी का ऐसा अनोखा मामला सामने आया, जिसमें चोर को पुलिस नहीं, बल्कि खुद पीड़ित दंपती ने ढाई साल बाद पहचान कर पकड़ लिया। चोर कोई और नहीं, बल्कि उन्हीं का घरेलू नौकर निकला जिसने लाखों के गहनों पर हाथ साफ किया था।

27 अक्टूबर 2022 को निर्माण नगर, गौतम मार्ग स्थित डी-68 नंबर मकान में रहने वाले 60 वर्षीय जुगलकिशोर शर्मा ने घर में लाखों की चोरी का मामला दर्ज कराया था। घटना के वक्त परिवार भाई दूज मनाने बाहर गया हुआ था और घर की देखरेख नौकर विष्णु के हवाले थी। जब लौटे तो ताले टूटे मिले और अलमारियों से सोने-चांदी के गहने व बर्तन गायब थे।

चोरी के संदेह में नौकर विष्णु का नाम सामने आया, लेकिन वह वारदात के बाद फरार हो गया और पुलिस उसकी कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा पाई। बावजूद इसके परिवार ने हार नहीं मानी और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपी की आखिरी लोकेशन तक पहुंचा।

बाजार में मिली झलक, पहचानते ही पकड़ा

4 जून 2025 को जुगलकिशोर शर्मा व उनकी पत्नी इंदु शर्मा स्कूटी से श्याम नगर जा रहे थे। अचानक उन्हें एक शख्स नजर आया जो हूबहू विष्णु जैसा लग रहा था। शक होते ही उन्होंने फौरन उसे पकड़ लिया। राहगीरों ने शुरुआत में दंपती को टोका लेकिन पुराना सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर स्थिति साफ हो गई।

पहचान के बाद घर लाकर सौंपा पुलिस को

दंपती उसे पहले अपने घर लाए जहां बेटे-बहू और बेटी ने भी उसे पहचान लिया। फिर पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी विष्णु को गिरफ्तार कर लिया गया। 6 दिन के रिमांड पर ली गई पूछताछ में उसने बताया कि वह नेपाल निवासी है और नशे का आदी है। उसने यह भी दावा किया कि चोरी किए गहने उसने एक महिला के कहने पर जमीन में गाड़ दिए थे, लेकिन बाद में वो जगह याद नहीं रही।

पुलिस अब उस महिला की तलाश में जुटी है और बाकी चोरी का माल भी बरामद करने की कोशिश कर रही है।


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राज कुमार बिजोरिया

राज कुमार बिजोरिया – ज़मीनी सच्चाइयों की आवाज़

राज कुमार बिजोरिया मिशन की आवाज़ के समर्पित पत्रकार हैं, जो ग्रामीण और सामाजिक मुद्दों की गहराई तक जाकर निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वे समाज के उन पहलुओं को उजागर करते हैं जो अक्सर मुख्यधारा की मीडिया से अनदेखे रह जाते हैं।

उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य केंद्र ग्राम्य विकास, शिक्षा, जल समस्या, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की आवाज़ है। राज कुमार की कलम में सच्चाई है, और उनकी पत्रकारिता में ज़िम्मेदारी। वे न केवल समाचार बताते हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का कार्य भी करते हैं।

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