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पत्नी और प्रेमी की साजिश: गाजियाबाद में पति की गला रेतकर हत्या

By जीतेन्द्र मीना 🕒 12 Oct 2025 👁️ 62 Views ⏳ 1 Min Read
पत्नी और प्रेमी की साजिश: गाजियाबाद में पति की गला रेतकर हत्या

गाजियाबाद न्यूज ( UP News ): लिंक रोड थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात ने पूरे इलाके को सिहरा दिया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या कर दी। मृतक योगेश कुमार (34) का शव पिलखुआ के जंगल में सड़ते हुए मिला था, लेकिन अब पुलिस ने खुलासा किया है कि यह हत्या कोई संयोग नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से रची गई साजिश थी। आरोपी पत्नी पूजा (28) और उसके प्रेमी आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया है ।

सुपारी देकर रची हत्या की साजिश : 

यह सनसनीखेज मामला 24 सितंबर 2025 की शाम का है। योगेश, जो बिजनौर के रहने वाले थे और गाजियाबाद में रहते थे, अपनी पत्नी पूजा के फोन पर सरस्वती मेडिकल कॉलेज, पिलखुआ पहुंचे। पूजा ने बहाना बनाया था कि कुछ जरूरी काम है। लेकिन वहां इंतजार कर रहे थे आशीष और उसके दोस्त चंद्रपाल व प्रवीण। जैसे ही योगेश बाइक से उतरे, हमलावरों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गला रेत दिया गया, और सिर काटकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया, जबकि मोबाइल और पर्स गायब कर दिए ताकि कोई सुराग न मिले।

गुमशुदगी की झूठी कहानी :  

पुलिस को 29 सितंबर को पिलखुआ के जंगल में एक सड़ा हुआ कंकाल मिला। शुरुआत में शिनाख्त मुश्किल थी, लेकिन डीएनए टेस्ट और कपड़ों के टुकड़ों से पुष्टि हुई कि यह योगेश का शव है। उधर, पूजा ने 25 सितंबर को लिंक रोड थाने में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह इतनी चालाकी से पेश आई कि पुलिस को फोन कर तलाशी की मांग करती रही और कंकाल मिलने पर खुद शिनाख्त के लिए पहुंची। लेकिन मृतक के भाई बृजपाल को शुरू से शक था। उन्होंने बताया कि योगेश को पूजा के अवैध संबंधों का पता था, जिसके चलते घर में तनाव रहता था। पूजा अक्सर आशीष के साथ चली जाती थी, और योगेश के विरोध करने पर उसे धमकियां मिलती थीं।

प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश : 

पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूजा और आशीष के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे। आशीष सातवीं पास है, जबकि पूजा पोस्ट ग्रेजुएट, लेकिन इस रिश्ते में ये अंतर मायने नहीं रखते थे। योगेश उनके लिए सबसे बड़ी बाधा था। पूजा को हाल ही में परिवार से मिली जमीन के पैसे मिले थे, जिसे बेचकर उसने बैंक में जमा कराया था। इन्हीं पैसों से उसने हत्या की सुपारी दी। चंद्रपाल को एक लाख रुपये का लालच देकर शामिल किया गया, और सात हजार रुपये एडवांस में दे दिए गए। चंद्रपाल ने अपने साथी प्रवीण को भी जोड़ा। यह पहली कोशिश नहीं थी—इससे पहले बिजनौर और साहिबाबाद में भी हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन योगेश बच निकले थे। आखिरकार, पिलखुआ में यह साजिश कामयाब हो गई।

एसीपी श्वेता यादव ने बताया कि पूजा और आशीष को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया है। चंद्रपाल और प्रवीण की तलाश जारी है।

योगेश के दो छोटे बच्चे अब अनाथ हो चुके हैं। बृजपाल ने कहा, "मेरे भाई का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपनी पत्नी को सही रास्ते पर लाना चाहता था।"

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जीतेन्द्र मीना

Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ).

Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in

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