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उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर अशोक गहलोत की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- "यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी"

By जीतेन्द्र मीना 🕒 22 Jul 2025 👁️ 42 Views ⏳ 1 Min Read
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर अशोक गहलोत की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- "यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी"

नई दिल्ली/जयपुर  — भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस इस्तीफे को संविधानिक व्यवस्था के लिए गंभीर संकट और राजस्थान के लिए चौंकाने वाला निर्णय बताया।

गहलोत ने कहा, "कुछ दिन पहले मैंने जोधपुर में कहा था कि उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष पर दबाव है। आज वही बात सच साबित हो गई।"

सत्ता के शीर्ष पदों पर दबाव के आरोप

अशोक गहलोत ने सीधे तौर पर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, जो देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बेहद खतरनाक है।

उन्होंने कहा, "जब देश के उपराष्ट्रपति जैसे पद पर बैठे व्यक्ति को इस्तीफा देना पड़े, तो यह दर्शाता है कि परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।"

 प्रधानमंत्री से की अपील

गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे इस इस्तीफे को स्वीकार न करें और ऐसी कोई संवैधानिक पहल करें जिससे उपराष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं देश के संवैधानिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।

इस्तीफा किया मंजूर 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था ।

🏷️ Tags: #Jagdeep Dhankhar resignation
Author

जीतेन्द्र मीना

Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ).

Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in

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